International Lecture : नवयुग कन्या महाविद्यालय, राजेन्द्र नगर, लखनऊ में “बियोंड आर्डिनरी स्ट्रक्चर्ड डिसीजन मेकिंग एंड करियर स्ट्रेटजी फॉर इमर्जिंग वूमेन स्कॉलर्स” विषय पर विशेष अंतरराष्ट्रीय व्याख्यान का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में अमेरिका से डॉ. अनामिका बाजपेई, फाउंडर डायरेक्टर वेदांता सेंटर फॉर अकादमिक एंड प्रोफेशनल मेंटरशिप एक्सीलेंस (वी केप मेंटरशिप) उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम का स्वागत भाषण महाविद्यालय की प्राचार्य एवं संरक्षिका प्रो. मंजुला उपाध्याय ने दिया तथा मंच संचालन डॉ. विनीता सिंह ने किया। इस आयोजन को सफल बनाने में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) तथा मिशन शक्ति टीम का विशेष योगदान रहा। सत्र में मार्गदर्शन, शिक्षिकाओं का अनुभव, कौशल विकास और करियर निर्माण की रणनीतियों पर गहन चर्चा हुई और छात्राओं के साथ प्रत्यक्ष संवाद हुआ जिसमें उन्होंने अपने जीवन-लक्ष्यों को साझा किया। किसी ने वैज्ञानिक संप्रेषण को अपनाने की इच्छा जताई, किसी ने औषधि कंपनियों में चिकित्सकीय लेखन को अपना लक्ष्य बताया, तो किसी ने न्यायालयिक विज्ञान, जैव-प्रौद्योगिकी, जैव-चिकित्सा स्नातकोत्तर कार्यक्रम, एफ.एस.एल. प्रयोगशालाएँ, अनुसंधान कार्यक्रम तथा मोबाइल न्यायालयिक इकाइयाँ को अपने भविष्य का मार्ग बताया।

साथ ही लक्ष्य की स्पष्टता, वित्तीय स्वतंत्रता, जीवनवृत्त निर्माण, नेटवर्किंग और सहयोग जैसे विषयों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। आत्मचिंतन हेतु तीन बिंदु रखे गए जिनमें वित्तीय क्षमता से आत्मनिर्भरता, करियर में प्रगति और कौशल वृद्धि की दिशा तथा जीवनवृत्त में लक्ष्यों की स्पष्टता, नेटवर्किंग और सहयोग का महत्व शामिल था। सत्र में यह भी प्रेरणा दी गई कि प्रत्येक छात्रा को अपना लिंक्डइन प्रोफ़ाइल बनाना चाहिए ताकि वे अपने कौशल, उपलब्धियों और करियर लक्ष्यों को पेशेवर ढंग से प्रस्तुत कर सकें और वैश्विक स्तर पर नेटवर्किंग एवं सहयोग के अवसर प्राप्त कर सकें। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन प्रो. संगीता कोतवाल, आईक्यूएसी संयोजक द्वारा किया गया और इस अवसर पर सभी संकाय की शिक्षिकाएं तथा छात्राएं उपस्थित रहीं जिन्होंने इस ज्ञानवर्धक सत्र से प्रेरणा प्राप्त की। यह व्याख्यान न केवल शैक्षणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा बल्कि छात्राओं को करियर रणनीति, मार्गदर्शन, व्यावसायिक सहयोग और डिजिटल मंचों पर अपनी पहचान बनाने की वास्तविक समझ भी प्रदान की।


