in

“6 घंटे मोबाइल = नई बीमारी!” CM योगी का बड़ा बयान—हार्ट ब्लॉक हुआ तो सीधा ‘दूसरे लोक’ की यात्रा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को स्वास्थ्य और बदलती जीवनशैली को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि आज के समय में 4 से 6 घंटे तक स्मार्टफोन का इस्तेमाल करना भी एक तरह की “नई बीमारी” बन गया है, जो लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल रही है।

मुख्यमंत्री लखनऊ में अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी में आयोजित नेशनल इंटरवेंशनल काउंसिल 2026 कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने न सिर्फ डिजिटल लाइफस्टाइल के खतरे गिनाए, बल्कि राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था और बढ़ते मरीजों के दबाव पर भी चिंता जताई।

“हार्ट ब्लॉक हुआ तो दूसरे लोक की यात्रा”

योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि हृदय (हार्ट) शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा—
“किडनी खराब हो जाए तो व्यक्ति डायलिसिस के सहारे जीवित रह सकता है, लेकिन अगर हृदय में ब्लॉकेज हो जाए, तो यह सीधे जीवन के लिए खतरा बन जाता है और दूसरे लोक की यात्रा शुरू हो सकती है।”

उनका यह बयान स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से दिया गया, जिसमें उन्होंने दिल की बीमारियों को सबसे गंभीर बताया।

स्मार्टफोन बना नई बीमारी

सीएम योगी ने कहा कि आजकल आम व्यक्ति दिन में 4 से 6 घंटे तक स्मार्टफोन पर समय बिताता है, जो धीरे-धीरे स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो रहा है। उन्होंने इसे “नई बीमारी” बताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी।

उन्होंने कहा कि देर रात तक मोबाइल इस्तेमाल करने की आदत से नींद, मानसिक स्वास्थ्य और शारीरिक फिटनेस पर नकारात्मक असर पड़ता है। इसके चलते डायबिटीज और हार्ट जैसी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं।

अस्पतालों में बढ़ता मरीजों का दबाव

मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के प्रमुख सरकारी अस्पतालों की स्थिति पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में रोजाना 12,000 से 14,000 मरीज OPD में आते हैं, जबकि SGPGI में यह संख्या 10,000 से 11,000 के बीच है।

उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में मरीजों का इलाज करना डॉक्टरों के लिए एक बड़ी चुनौती है और इससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी भारी दबाव पड़ता है।

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का दावा

सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि पहले राज्य में सिर्फ 17 मेडिकल कॉलेज थे, लेकिन अब उनकी संख्या बढ़कर 81 हो गई है।

इसके अलावा, राज्य में टेलीमेडिसिन और टेली-ICU जैसी आधुनिक सुविधाएं भी शुरू की गई हैं, जिससे दूरदराज के मरीजों को भी बेहतर इलाज मिल रहा है।

गरीबों को स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2025 में मुख्यमंत्री राहत कोष से करीब 1400 करोड़ रुपये मरीजों के इलाज के लिए दिए गए। इसके अलावा प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 5 लाख रुपये तक की सहायता भी दी जा रही है।

जो लोग इन योजनाओं से वंचित रह गए, उन्हें मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत कवर किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार हर वर्ग तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है।

मिलावट और खानपान पर भी चिंता

योगी आदित्यनाथ ने खाद्य पदार्थों में मिलावट को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि दिवाली से पहले चलाए गए अभियान में हजारों किलो मिलावटी खोवा नष्ट किया गया।

उन्होंने कहा कि शादी-ब्याह के कार्यक्रमों में मिलने वाले खाने की गुणवत्ता की कोई गारंटी नहीं होती, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह बयान आधुनिक जीवनशैली और स्वास्थ्य के बीच बढ़ते अंतर को उजागर करता है। स्मार्टफोन का अत्यधिक उपयोग, खराब खानपान और शारीरिक गतिविधि की कमी आज बड़ी स्वास्थ्य चुनौतियां बन चुकी हैं। ऐसे में जागरूकता और संतुलित जीवनशैली ही बेहतर स्वास्थ्य का आधार बन सकती है।

News Desk

Written by News Desk

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

“कुंभ गर्ल” की शादी में बड़ा फर्जीवाड़ा! नाबालिग निकली मोनालिसा, पति पर POCSO केस दर्ज

“हैवान बना बेटा! शराब के नशे में मां की इज्जत लूटी, दूसरी बार कोशिश पर खुला खौफनाक सच”