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Muharram 2026: यूपी में मुहर्रम जुलूस के दौरान बड़ा हादसा, करंट से 2 की मौत; ताजिया नापने पर ASP अनुज चौधरी पर उठे सवाल

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मुहर्रम 2026 के अवसर पर शुक्रवार को राज्यभर में ताजिया जुलूस, मातमी कार्यक्रम और धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई। राजधानी लखनऊ सहित कई जिलों में पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में रहा। ड्रोन कैमरों, सीसीटीवी और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के बीच जुलूस निकाले गए। हालांकि, दिनभर की गतिविधियों के बीच एटा और प्रयागराज से करंट लगने की दुखद घटनाएं सामने आईं, जबकि फिरोजाबाद में ताजिया की माप को लेकर नया विवाद शुरू हो गया।

एटा में हाईटेंशन लाइन से छूने पर हादसा

सबसे गंभीर घटना एटा जिले में हुई, जहां तड़के निकाले जा रहे ताजिया जुलूस के दौरान ताजिया कथित रूप से हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गया। इसके बाद उसमें करंट दौड़ गया और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि सात अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाया जा रहा है कि सुरक्षा मानकों में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई।

प्रयागराज में भी करंट से किशोर की मौत

इसी तरह प्रयागराज में भी मुहर्रम से जुड़े आयोजन के दौरान करंट लगने से 17 वर्षीय एक किशोर की मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जुलूसों के दौरान बिजली लाइनों और अन्य संभावित खतरों से सावधानी बरतें।

फिरोजाबाद में ताजिया नापने पर विवाद

इस बीच फिरोजाबाद में एक वीडियो और तस्वीरें चर्चा का विषय बन गईं, जिनमें अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) अनुज चौधरी ताजिया की ऊंचाई फीते से मापते दिखाई दिए।

इस पर ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने आपत्ति जताई। उनका कहना है कि इस प्रकार ताजिया की नाप-जोख धार्मिक भावनाओं को आहत करती है और इसे धार्मिक प्रतीकों के सम्मान के अनुरूप नहीं माना जा सकता।

मौलाना ने राज्य सरकार से ASP के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, प्रशासन की ओर से इस विवाद पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

लखनऊ में कड़ी सुरक्षा के बीच निकला जुलूस

राजधानी लखनऊ में मुहर्रम के प्रमुख जुलूसों में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने का अनुमान लगाया गया। जुलूस पारंपरिक मार्ग से इमामबाड़े से निकलकर कर्बला तालकटोरा तक गया।

मातमी जुलूस में शामिल लोगों ने काले वस्त्र पहनकर इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में मातम किया। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस, पीएसी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया।

श्रावस्ती में अंगारों पर चले अज़ादार

श्रावस्ती के नासिरगंज क्षेत्र में कर्बला के शहीदों की याद में पारंपरिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां अज़ादारों ने दहकते अंगारों पर चलकर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

धार्मिक परंपरा के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान प्रशासन और पुलिस की निगरानी भी बनी रही।

संभल में फ्लैग मार्च

संवेदनशील माने जाने वाले संभल जिले में जिला प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरती। जिला अधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा बलों के साथ फ्लैग मार्च कर लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की।

प्रशासन का कहना है कि मुहर्रम के सभी कार्यक्रमों पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था मौजूद है।

बरेली में पारंपरिक मातम

बरेली में भी शिया समुदाय द्वारा पारंपरिक मातमी जुलूस निकाला गया। अंजुमनों ने नौहाख्वानी की और इमाम हुसैन की शहादत को याद किया। पूरे आयोजन के दौरान प्रशासन द्वारा सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए।

क्यों मनाया जाता है मुहर्रम?

इस्लामी परंपरा के अनुसार मुहर्रम की 10वीं तारीख, जिसे यौमे आशूरा कहा जाता है, कर्बला की उस ऐतिहासिक घटना की याद दिलाती है जिसमें पैगंबर मोहम्मद के नवासे हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों ने अन्याय के विरुद्ध संघर्ष करते हुए अपने प्राण न्योछावर किए थे।

इसी स्मृति में विभिन्न स्थानों पर मातमी जुलूस, ताजिया और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

उत्तर प्रदेश में मुहर्रम 2026 के आयोजन व्यापक सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हो रहे हैं। हालांकि एटा और प्रयागराज में करंट लगने की घटनाओं ने सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े किए हैं। वहीं फिरोजाबाद में ताजिया की माप को लेकर उठा विवाद भी चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रशासन ने सभी जिलों में शांति, कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है तथा संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है।

News Desk

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