लखनऊ: लखनऊ में बीते तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश से गोमती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सिंचाई विभाग ने गऊ घाट पर पानी को अस्थाई रूप से रोक दिया है। शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।
50 घंटे से हो रही बारिश ने बढ़ाई चिंता
लखनऊ में पिछले 50 घंटों से रुक-रुक कर भारी बारिश हो रही है, जिससे न केवल सड़कें जलमग्न हो गई हैं, बल्कि कई कॉलोनियों में भी पानी घरों के अंदर तक पहुंच गया है। आशियाना, गोमती नगर, चारबाग और राजाजीपुरम जैसे इलाकों में जल निकासी पूरी तरह प्रभावित रही।
गोमती का जलस्तर खतरे के निशान के करीब
सिंचाई विभाग के अनुसार, गोमती नदी का जलस्तर खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच चुका है। यदि बारिश यूं ही जारी रही, तो अगले 24 घंटों में पानी रिहायशी इलाकों तक पहुंच सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए गऊ घाट पर अतिरिक्त पानी को रोका गया है ताकि निचले क्षेत्रों को बचाया जा सके।
प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
लखनऊ जिला प्रशासन ने गऊ घाट और आसपास के इलाकों में चेतावनी जारी की है। लोगों से अपील की गई है कि वे नदी किनारे या जलभराव वाले इलाकों में अनावश्यक रूप से न जाएं। SDRF की टीमें अलर्ट मोड पर हैं और नगर निगम के कर्मचारी भी लगातार जलनिकासी के प्रयास में लगे हैं।
यातायात व्यवस्था भी प्रभावित
भारी जलभराव के कारण शहर की यातायात व्यवस्था चरमराई हुई है। कई प्रमुख मार्गों पर गाड़ियाँ घंटों तक फंसी रहीं। चारबाग, कपूरथला चौराहा, हजरतगंज और इंदिरा नगर जैसे इलाकों में ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही।
निष्कर्ष
गोमती नदी का बढ़ता जलस्तर और लगातार हो रही बारिश लखनऊ के लिए चिंता का विषय बन गया है। प्रशासन को चाहिए कि वह राहत और बचाव कार्य को प्राथमिकता दे, ताकि जान-माल की हानि से बचा जा सके। नागरिकों से भी अपेक्षा है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और सतर्क रहें।


