लखनऊ। ठंड और कोहरे के मौसम में सड़क हादसों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार अलर्ट मोड में आ गई है।
परिवहन राज्यमंत्री दयाशंकर सिंह ने परिवहन निगम और क्षेत्रीय अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि बसों की तकनीकी जांच और चालकों की ट्रेनिंग में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।
उन्होंने कहा, “सरकार की प्राथमिकता यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और समयबद्ध यात्रा सुविधा देना है। सुरक्षा से समझौता किसी भी कीमत पर नहीं होगा।”
कोहरे में घटती विजिबिलिटी से बढ़ता खतरा
नवंबर से जनवरी तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में घना कोहरा और फिसलन भरी सड़कें आम हो जाती हैं।
मंत्री ने बताया कि सुबह और देर रात में विजिबिलिटी बेहद कम होने से सड़क हादसे बढ़ जाते हैं।
इसलिए सभी चालकों को संयमित गति से वाहन चलाने और ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
दयाशंकर सिंह ने कहा कि यह मौसम “परिवहन के लिहाज से चुनौतीपूर्ण” होता है, इसलिए बस संचालन में अतिरिक्त सावधानी बरती जानी चाहिए।
बस ड्राइवरों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
परिवहन विभाग को आदेश दिया गया है कि सभी बस चालकों और परिचालकों को विशेष प्रशिक्षण (Special Safety Training) दिया जाए।
इस प्रशिक्षण में उन्हें सिखाया जाएगा कि
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कोहरे और फिसलन में वाहन कैसे नियंत्रित रखें,
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लो बीम और फॉग लाइट का सही उपयोग कैसे करें,
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और आपात स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करें।
अधिकारियों के अनुसार, रात के समय बस चलाते समय फॉग लाइट और रिफ्लेक्टिव टेप्स का सही उपयोग भी ड्राइवरों को सिखाया जाएगा।
बसों की तकनीकी फिटनेस पर रहेगा फोकस
परिवहन मंत्री ने निर्देश दिया है कि सभी बसों में हेडलाइट, बैकलाइट, इंडिकेटर, साइड मिरर, हार्न, और वाइपर की स्थिति की पूरी जांच की जाए।
उन्होंने कहा कि “हर बस में ऑल-वेदर बल्ब और कार्यशील वाइपर हों ताकि कोहरे में दृश्यता बनी रहे।”
साथ ही, बसों की इलेक्ट्रिकल वायरिंग की भी नियमित जांच होगी।
किसी भी बस में गड़बड़ी मिलने पर उसे तुरंत संचालन से हटा दिया जाएगा।
हर बस में फायर सिलेंडर और फर्स्ट एड किट अनिवार्य
मंत्री ने यह भी निर्देश दिए हैं कि हर बस में अग्निशमन यंत्र (Fire Extinguisher) और प्राथमिक उपचार किट (First Aid Kit) अनिवार्य रूप से रखे जाएं।
बस डिपो स्तर पर इन उपकरणों की वैधता और रिफिलिंग डेट का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाएगा ताकि किसी भी समय जांच की जा सके।
RTO को नियमित निरीक्षण के निर्देश
दयाशंकर सिंह ने सभी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों (RTOs) को आदेश दिया है कि वे बस अड्डों और रूटों का नियमित निरीक्षण करें।
निरीक्षण के दौरान
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बसों के सुरक्षा उपकरण,
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चालक की फिटनेस,
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और गाड़ी की तकनीकी स्थिति
की गहन जांच की जाएगी।
जो बसें तय मानकों का पालन नहीं करेंगी, उन्हें फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं दिया जाएगा।


