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Mahashivaratri 2023: अपनी राशि के अनुसार करें महादेव की पूजा, हर मनोकामना पूरी करेंगे भोलेनाथ


भागवत कथा प्रवक्ता, ज्योतिषी और वास्तुशास्त्री आचार्य राजेन्द्र तिवारी से जानिए किस राशि वालों को कैसे करनी चाहिए भगवान भोलेनाथ की पूजा

Mahashivratri 2023: देवों के देव महादेव की उपासने के लिए महाशिवरात्रि का दिन बहुत शुभ माना जाता। इस दिन यदि आप अपनी राशि अनुसार पूजा-पाठ करेंगे तो आपकी पूजा अधिक सफल होगी। कौन सी राशि वालों को कैसे करनी चाहिए भगवान शिव की पूजा, इस बारे में बता रहे हैं आचार्य राजेन्द्र तिवारी।

मेष राशि
भागकथा प्रवक्ता, ज्योतिषी और वास्तुशास्त्री आचार्य राजेन्द्र तिवारी ने बताया कि महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पूजा करते समय मेष राशि वाले लोगों को विशेष तौर पर शहद और गन्ने का रस चढ़ाना चाहिए। इसके अलावा बेलपत्र अर्पित करने से पहले उसपर चंदन से श्री राम लिखें।

वृषभ राशि

आचार्य राजेन्द्र तिवारी के अनुसार वृषभ राशि वालों के स्वामी शुक्र होते हैं। ऐसे में इन राशि वाले लोगों को भगवान शिव को कच्चा दूध, दही और शक्कर चढ़ाना चाहिए। ऐसा करने से भक्त को शिवजी का विशेष आशीर्वाद मिलता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

मिथुन राशि
मिथुन राशि वाले लोगों को महाशिवरात्रि पर हरे फलों का रस एवं शमी पत्र विशेष तौर पर अर्पित करना चाहिए। इसके अलावा लाल फूल और बेलपत्र मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक भी करें। ऐसा करने से आपको मनचाही सफलता मिलेगी।

कर्क राशि
कर्क राशि वाले लोगों को महाशिवरात्रि पर कच्चे दूध से शिवलिंग का अभिषेक करके उन्हें मक्खन का भोग लगाना चाहिए। इसके साथ-साथ गंगाजल से अभिषेक भी करें। मान्यता है कि ऐसा करने से महादेव जल्दी प्रसन्न होते है।

सिंह राशि
सिंह राशि वाले लोगों पर सूर्य देव का आधिपत्य रहता है। ऐसे में मनचाहा वरदान पाने के लिए महाशिवरात्रि के दिन गुड़ का भोग अवश्य लगाएं। मान्यता है कि ऐसा करने से आपको मनचाहा आशीर्वाद मिलता है।

कन्या राशि
कन्या राशि वाले लोगों को भी महाशिवरात्रि के दिन महादेव पर हरे फल का रस और शमि पत्र चढ़ाना चाहिए। इस बात का भी ध्यान रखें की जल अर्पित करते समय उसमें गंगा जल अवश्य डाले। मान्यता है इससे महादेव की विशेष कृपा आप पर बनी रहती है।

तुला राशि
तुला राशि वाले लोगों को महाशिवरात्रि के दिन दूध, दही और गन्ने के रस से शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए। इसके अलावा इस दिन विशेष तौर पर शिवलिंग पर धतूरा भी अर्पित करें। मान्यता है कि ऐसा करने से आपको महादेव का विशेष अशीर्वाद भी मिलेगा।

वृश्चिक राशि
भगवान शिव की पूजा को सफल बनाने के लिए इन राशि वाले लोगों को गुड़, शहद, शुद्ध घी, बिल्वपत्र, लाल पुष्प आदि से पूजा करनी चाहिए। शिव पूजा के इस उपाय को करने पर वृश्चिक राशि के जातकों की सभी मनोकामना पूरी होती है।

धनु राशि
धनु राशि वाले लोगों को भगवान शिव का केसर युक्त दूध से अभिषेक करना चाहिए। इसके साथ ही बेलपत्र और पीले फूल भी अर्पित करें। ऐसा करने से उनकी सभी इच्छाएं पूर्ण होंगी।

मकर राशि
भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए मकर राशि वाले लोगों को दही, घी, नीले पुष्प आदि चीजें अर्पित करनी चाहिए। मान्यता है कि पूजा के इस उपाय से मकर राशि के लेागों की सभी मनोकामना शीघ्र ही पूरी हेाती है।

कुंभ राशि
कुंभ वालों के महाशिवरात्रि के दिन ॐ नमः शिवाय मंत्र का अधिक से अधिक बार जाप करना चाहिए। इसके अलावा शिव की पूजा में कच्चा दूध, दही, घी, शहद, नीले रंग के पुष्प, बादाम के तेल आदि का प्रयोग करें।

मीन राशि
अगर मीन राशि वाले महादेव की विशेष कृपा पाना चाहते हैं तो महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर कच्चे दूध, केसर, गंगाजल, पीले पुष्प, बिल्व एवं शमीपत्र अवश्य चढ़ाएं। मान्यता है कि इससे महादेव प्रसन्न होते हैं।

भागकथा प्रवक्ता, ज्योतिषी और वास्तुशास्त्री आचार्य राजेन्द्र तिवारी ने बताया कि इस बार महादेव की उपासना और साधना का महापर्व महाशिवरात्रि 18 फरवरी मनाई जाएगी। हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर महाशिवरात्रि मनाई जाती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार महाशिवरात्रि पर शिवलिंग की उत्पत्ति हुई थी और इसी दिन सबसे पहले भगवान विष्णु और ब्रह्माजी ने शिवलिंग की पूजा की थी।

महाशिवरात्रि पर शिवजी के विशेष पूजा-आराधना, व्रत और जलाभिषेक किया जाता है। महाशिवरात्रि पर दिनभर पूजा के साथ रात में भो भोले भंडारी की पूजा करने का विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विवाह हुआ था। आइए जानते हैं इस बार महाशिवरात्रि पर किस तरह का शुभ संयोग बन रहा है, पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि।

महाशिवरात्रि पर प्रदोष व्रत का संयोग

हिंदू कैलेंडर के अनुसार इस बार महाशिवरात्रि पर बहुत ही शुभ संयोग बनने जा रहा है। 18 फरवरी,शनिवार को त्रयोदशी तिथि है और इस तिथि पर प्रदोष का व्रत रखा जाता है। प्रदोष व्रत भगवान शिव की पूजा-उपासना के लिए खास होता है। इस दिन त्रयोदशी तिथि की समाप्ति के बाद चतुर्दशी तिथि प्रारंभ हो जाएगी।

महाशिवरात्रि चतुर्दशी तिथि 2023

हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 18 फरवरी, शनिवार को रात 08 बजकर 05 मिनट से शुरू हो रही है। फिर इसके बाद 19 फरवरी 2023 की शाम को 04 बजकर 21 मिनट पर समाप्त हो जाएगी।

महाशिवरात्रि 18 या 19 फरवरी कब मनाएं

भागकथा प्रवक्ता, ज्योतिषी और वास्तुशास्त्री आचार्य राजेन्द्र तिवारी ने बताया कि हर साल महाशिवरात्रि का महापर्व फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। महाशिवरात्रि पर महादेव की पूजा चार प्रहर में करने का विशेष महत्व होता है और इसमें से भी रात्रि का 8वां मुहूर्त का विशेष महत्व होता है। इस बार चतुर्दशी तिथि 19 फरवरी की शाम को समाप्त हो जाएगी। इस कारण से महाशिवरात्रि का त्योहार 18 फरवरी को मनाया जाएगा।

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