Kanpur News: जालसाजों की करतूत पर चकराए अफसर, ई-मेल आईडी हैक कर 7 राज्यों के लिए जारी कर दिए फर्जी प्रमाण पत्र
जालसाजों की करतूत पर चकराए अफसर

कानपुर के घाटमपुर में ग्राम पंचायत सचिव की ई-मेल आईडी हैक कर 54 नहीं, बल्कि 85 जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए गए थे। जो प्रदेश ही नहीं बल्कि सात राज्यों के अलग-अलग जिलों के लिए जारी किए गए। जांच के दौरान इसका खुलासा हुआ है। अफसर चकरा गए। सचिव की तहरीर पर सजेती पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। फिलहाल जारी किए गए सभी फर्जी प्रमाणपत्रों को सचिव ने निरस्त कर दिया है।
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कुरसेड़ा में तैनात सचिव सुभाष वर्मा की ई-मेल आईडी हैक की आठ जनवरी को साइबर जालसाजों ने पोर्टल का पासवार्ड रीसेट किया। इसका लिंक सुभाष के पंजीकृत मेल आईडी पर भेजा गया था इसके एक मिनट बाद लॉगइन ओटीपी प्राप्त हुआ। पोर्टल पर सचिव का मोबाइल नंबर दर्ज होने के कारण सभी ओटीपी उन्हें मिलते रहे। जालसाजों ने सुबह 8 बजकर 27 मिनट से आईडी को हैक करके फर्जी जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने शुरू किए और दोपहर 2 बजकर 53 मिनट तक कुल 84 प्रमाण पत्र जारी कर दिए। सभी प्रमाणपत्र कुरसेड़ा ग्राम पंचायत से जारी हुए थे। सचिव ने विभागीय अधिकारियों के साथ पुलिस को सूचना दी थी।
मामले में जांच हुई और डीपीआरओ ने दो सदस्यीय टीम भी गठित की। सचिव को जब अपनी मेल आईडी दोबारा लॉगइन करने को मिला तो पता चला कि इस आईडी से यूपी के साथ ही मध्य प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, झारखंड व छत्तीसगढ़ के अलग-अलग स्थानों पर प्रमाण पत्र जारी हुए हैं। मेल आईडी में कुछ स्थानों पर सूचनादाता ने अपना नाम शिवकुमार व एक मोबाइल नंबर व आधार कार्ड जिसमें उसका पता ओगीपुर अलीगढ़ दर्शाया है। सजेती एसओ ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई है। पुलिस ने शिवकुमार नाम के व्यक्ति को आरोपित बनाया है। मेल आईडी से पुलिस ने जिस मोबाइल नंबर को एफआईआर में लिखा है, उस नंबर पर बात की गई तो फोन रिसीव करने वाले ने खुद को उत्तराखंड के रुद्रपुर का निवासी बताया। कहा कि यह नंबर उसके पास 15 साल से है। उसका नाम शिवकुमार नहीं है। एडीसीपी महेश कुमार ने बताया कि आईपी एड्रेस की जानकारी के लिए गूगल से जानकारी मांगी गई है। यदि जालसाजी में प्रमाण पत्र बनवाने वालों की कोई भूमिका पाई जाती है तो उनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की जाएगी। इस तरह का एक प्रकरण उन्नाव में भी हुआ है।