Sam Pitroda Row: ‘चीन हमारा दुश्मन नहीं’ वाले बयान पर घिरे सैम पित्रोदा, भाजपा के पलटवार से मचा सियासी घमासान
कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा के 'चीन हमारा दुश्मन नहीं' बयान पर भाजपा ने किया तीखा हमला, देशभर में गरमाई सियासत

नई दिल्ली:
कांग्रेस नेता और इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा अपने विवादित बयानों को लेकर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा कि “चीन हमारा दुश्मन नहीं है”, जिससे राजनीतिक हलकों में हंगामा मच गया। इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए इसे राष्ट्रवाद के खिलाफ बताया और आरोप लगाया कि कांग्रेस हमेशा चीन के पक्ष में रही है। इस मुद्दे पर देशभर में सियासी घमासान छिड़ गया है।
🔹 सैम पित्रोदा ने क्या कहा?
सैम पित्रोदा ने अपने इंटरव्यू में अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और भारत-चीन संबंधों पर चर्चा करते हुए कहा,
➡️ “अंतरराष्ट्रीय संबंध जटिल होते हैं। हमें चीन को दुश्मन के रूप में नहीं देखना चाहिए, बल्कि कूटनीतिक तरीके से संबंधों को संभालना चाहिए।”
➡️ “हम एक वैश्विक दुनिया में रहते हैं, जहाँ हर देश को अपने फायदे और नुकसान को ध्यान में रखकर फैसले लेने पड़ते हैं।”
➡️ “भारत को अमेरिका, यूरोप, रूस और चीन सभी के साथ अपने संबंधों को संतुलित रखना चाहिए।”
सैम पित्रोदा के इस बयान के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो गया है।
🔹 भाजपा ने क्यों किया तीखा हमला?
भाजपा ने सैम पित्रोदा के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा,
🗣️ “कांग्रेस हमेशा से चीन के प्रति नरम रही है। जब हमारे वीर सैनिक गलवान घाटी में शहीद हो रहे थे, तब भी कांग्रेस चीन के समर्थन में खड़ी नजर आई थी। यह बयान कांग्रेस की मानसिकता को दर्शाता है।”
🗣️ “राहुल गांधी और कांग्रेस चीन के सामने झुकने की नीति अपनाते रहे हैं। वे गलवान हिंसा पर भी राजनीति करते रहे, और अब सैम पित्रोदा का यह बयान उनकी सोच को स्पष्ट करता है।”
🗣️ “देश की जनता ऐसे राष्ट्रविरोधी बयान को स्वीकार नहीं करेगी। कांग्रेस को सैम पित्रोदा के इस बयान पर माफी मांगनी चाहिए।”
भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस ने हमेशा चीन के प्रति “मृदु नीति” अपनाई है, और इस बयान से यह बात एक बार फिर स्पष्ट हो गई है।
🔹 कांग्रेस का बचाव: क्या कहा पार्टी ने?
भाजपा के तीखे हमले के बाद कांग्रेस ने अपने नेता सैम पित्रोदा के बयान का बचाव किया।
🔹 कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने सफाई देते हुए कहा,
🗣️ “सैम पित्रोदा के बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उनका मकसद यह नहीं था कि चीन को क्लीन चिट दी जाए, बल्कि वे कूटनीति की जरूरत पर बल दे रहे थे।”
🔹 कांग्रेस का कहना है कि भाजपा उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रही है और यह भाजपा की “डाइवर्ट पॉलिटिक्स” का हिस्सा है।
🔹 पहले भी दे चुके हैं विवादित बयान
यह पहली बार नहीं है जब सैम पित्रोदा अपने बयानों को लेकर विवादों में आए हैं।
✔️ 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने ‘हुआ तो हुआ’ बयान दिया था, जो 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़ा था। इस बयान को लेकर कांग्रेस की खूब आलोचना हुई थी।
✔️ उन्होंने नोटबंदी, राफेल डील और अन्य राष्ट्रीय मुद्दों पर भी कई बार विवादित बयान दिए हैं, जिससे कांग्रेस को सफाई देनी पड़ी है।
अब एक बार फिर उनके ‘चीन हमारा दुश्मन नहीं’ बयान ने कांग्रेस को मुश्किल में डाल दिया है।
🔹 राजनीतिक घमासान जारी: क्या हो सकता है असर?
इस विवाद के चलते भारतीय राजनीति में भूचाल आ गया है।
🟢 भाजपा इस बयान को कांग्रेस के खिलाफ बड़े चुनावी हथियार के रूप में इस्तेमाल कर सकती है।
🟢 कांग्रेस को जनता के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करनी पड़ेगी, ताकि यह मुद्दा उनके खिलाफ न जाए।
🟢 राष्ट्रवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे चुनावी माहौल में काफी अहम होते हैं, इसलिए यह विवाद कांग्रेस के लिए भारी पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद आने वाले लोकसभा चुनाव 2024 में अहम भूमिका निभा सकता है और भाजपा इसे कांग्रेस के खिलाफ प्रचार अभियान में इस्तेमाल कर सकती है।
🔹 निष्कर्ष
सैम पित्रोदा के ‘चीन हमारा दुश्मन नहीं’ वाले बयान ने भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक लड़ाई को तेज कर दिया है। भाजपा इसे राष्ट्रवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर कांग्रेस पर हमला बोल रही है, जबकि कांग्रेस इसे गलत व्याख्या बता रही है। इस विवाद से भारतीय राजनीति में सियासी पारा चढ़ चुका है और आने वाले दिनों में इस पर और भी गरमागरम बयानबाजी देखने को मिल सकती है।