चायवाले ने फैलाई पुष्पक एक्सप्रेस में आग की अफवाह: बीमार मां के इलाज के लिए कमाने जा रहा बेटा हादसे में कटा; यूपी के यात्रियों ने साझा की दहशतभरी कहानी
अफवाह से मची भगदड़ में हुआ बड़ा हादसा, कई परिवारों की खुशियां छीन गईं

चायवाले ने फैलाई पुष्पक एक्सप्रेस में आग की अफवाह: बीमार मां के इलाज के लिए कमाने जा रहा बेटा हादसे में कटा; यूपी के यात्रियों ने सुनाई दहशतभरी कहानी
महाराष्ट्र के जलगांव जिले में बुधवार शाम हुए ट्रेन हादसे में इंसानी लापरवाही और अफवाहों ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। पुष्पक एक्सप्रेस में सफर कर रहे यात्रियों ने बताया कि ट्रेन में आग लगने की अफवाह सबसे पहले एक चायवाले ने फैलाई थी। इससे यात्रियों में भगदड़ मच गई। किसी ने चेन पुलिंग कर ट्रेन रोकी और घबराए यात्री कूदकर ट्रैक पर आ गए।
इसी दौरान, दूसरे ट्रैक पर तेज रफ्तार कर्नाटक एक्सप्रेस आ गई और ट्रैक पर खड़े लोगों को कुचल दिया। हादसे में 12 लोगों की मौत हो गई और 40 से अधिक लोग घायल हो गए।
बीमार मां के लिए जा रहा बेटा भी हादसे का शिकार
यूपी के अयोध्या के रहने वाले एक परिवार ने हादसे की दर्दभरी कहानी सुनाई। परिवार ने बताया कि उनका 22 वर्षीय बेटा नीरज, अपनी बीमार मां के इलाज के लिए पैसे कमाने मुंबई जा रहा था। लेकिन अफवाह के कारण हुई भगदड़ में वह कर्नाटक एक्सप्रेस की चपेट में आ गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
यात्रियों ने साझा की आपबीती
ट्रेन में सफर कर रहे यूपी के यात्रियों ने बताया कि जब आग की अफवाह फैली तो हर कोई जान बचाने के लिए भाग रहा था। लोगों को यह भी नहीं पता था कि अफवाह झूठी थी। एक यात्री ने कहा, “हमने देखा कि कई लोग ट्रैक पर कूद गए और तभी दूसरी ट्रेन आ गई। पल भर में सब खत्म हो गया।”
अधिकारियों का बयान
जलगांव एसपी ने बताया कि हादसे में अब तक 12 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। घायलों का इलाज सिविल अस्पताल में चल रहा है। रेलवे अधिकारियों ने भी पुष्टि की है कि घटना स्थल पर ट्रैक के पास एक शार्प टर्न था, जिससे यात्रियों को ट्रेन के आने का अंदाजा नहीं लग पाया।
रेलवे की अपील
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें और किसी भी स्थिति में ट्रैक पर उतरने से बचें। रेलवे ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं।
यह हादसा एक गंभीर सबक है कि अफवाहें किस तरह जानलेवा साबित हो सकती हैं।