दिल्ली में कथाकार इंटरनेशनल स्टोरीटेलर्स फेस्टिवल में अपने नए गीत का अनावरण करेंगे मोहित चौहान
3 दिवसीय उत्सव में दिल्लीवासियों के लिए किस्से, कहानी, वार्तालाप और संगीत का जश्न

नई दिल्ली, 29 जनवरी 2025 चुनावी सरगर्मियों और सर्दियों के बीच, दिल्लीवासियों के लिए कथाकार इंटरनेशनल स्टोरीटेलर्स फेस्टिवल का 18वां संस्करण एक बेहतरीन अनुभव होगा। 3 दिवसीय यह उत्सव 31 जनवरी से 2 फरवरी 2025 तक सुंदर नर्सरी हेरिटेज पार्क, निजामुद्दीन, दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। उत्सव का आयोजन निवेश, एचएचएसीएच और बाबाजी म्यूजिक द्वारा संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार और दिल्ली पर्यटन, दिल्ली सरकार के सहयोग से किया जा रहा है। भारत सरकार के केंद्रीय संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत 31 जनवरी को इसका उद्घाटन करेंगे। कथाकार उत्सव का निर्माण, संयोजन और आयोजन गहिलोत बहनों रचना, प्रार्थना और शगुना द्वारा किया गया है।
3 दिवसीय उत्सव में भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय कहानीकारों द्वारा प्रस्तुतियों दी जाएँगी, इनमें उसीफू जलोह (सिएस लियोन), पोलिना त्सेरकसोवा (एस्टोनिया), नामा तेल त्सुर (इजराइल), मिशल मालिनोवस्की (पोलैंड), भरत लाल और शगुना गाहिलोटे (भारत) शामिल है। स्टोरीटेलर्स के अतिरिक्त दिग्गज संगीतकार, लकी अली, और मोहित चौहान, फिल्म निर्माता इम्तियाज अली और साजिद अली एवम् अभिनेता अपार शक्ति खुराना के साथ बातचीत सेशन, और कुटले खान, तबा चाके, भूपेंद्र बब्बल और नियाजी ब्रदर्स द्वारा संगीतमय कार्यक्रम होंगे। साथ ही साजिद अली रेट्रोस्पेक्टिव के अंतर्गत लैला मजनू और चमकीला की फिल्म स्क्रीनिंग होगी। उत्सव के दौरान मोहित चौहान नए गीत का अनावरण भी करेंगे।
आयोजकों को भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से भी फेस्टिवल को लेकर एक पत्र मिला है। पत्र में लिखा है कि सुंदर नर्सरी, दिल्ली में ‘कथाकार अंतर्राष्ट्रीय कथाकार महोत्सव के 18वे सस्करण के आयोजन के बारे में जानकर बहुत खुशी हुई। कहानी सुनाना भारतीय संस्कृति में एक गहरी जड़े जमाए हुए परपरा है। हमारे यहां मौखिक ज्ञान सचरण की भी एक महान संस्कृति है।
नैतिक और पारिवारिक मूल्यों को स्थापित करने का एक शक्तिशाली तंत्र, बुजुर्ग, विचारक और घुमक्कड़ कहानीकार, कहानियों के माध्यम से मूल्यों को प्रसारित करके हमारे समाज के मार्गदर्शक रहे हैं। हमारी लोककथाओं से सजीव कहानियों को बुनकर, ये आख्यान पीढ़ी दर पीढी आगे बढ़ते रहे हैं। चाहे वह रामायण और महाभारत के महाकाव्य हो, या विभिन्न क्षेत्रीय और स्थानीय लोककथाएँ, ये कहानियों कल्पना को बढ़ावा देती है. सामाजिक बंधनों को मजबूत करती है और हमारी समृद्ध विरासत को सरक्षित करती है। कथाकार अंतर्राष्ट्रीय कथाकार महोत्सव के 18वें संस्करण को सफलता की एक शानदार कहानी बनाने के लिए सभी आयोजको को शुभकामनाएँ