जानें आदेश में क्या-क्या कहा, CJI के रूप में डीवाई चंद्रचूड़ ने बुलडोजर पर सुनाया अपना अंतिम फैसला

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड ने रिटायर होने से पहले रविवार को सुप्रीम कोर्ट में अपना अंतिम फैसला सुनाया। उनके बाद न्यायमूर्ति संजीव खन्ना उनके उत्तराधिकारी के रूप में सीजेआई का कार्यभार संभालेंगे। चंद्रचूड का अंतिम निर्णय बुलडोजर जस्टिस के खिलाफ था। आपको बता दें कि हाल के दिनों में यह एक ऐसी व्यवस्था बन चुकी है, जिसमें राज्य सरकारें और उनके विभाग बिना उचित कानूनी प्रक्रिया के लोगों की व्यक्तिगत संपत्तियों को तोड़ने का सहारा लेते हैं। ऐसे लोगों पर कार्रवाई की जाती है जिनका नाम किसी अपराध में आता है।
यह निर्णय 6 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट की उस पीठ ने सुनाया जिसकी अध्यक्षता CJI चंद्रचूड ने की थी। इसमें न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और मनोज मिश्रा भी शामिल थे। यह मामला 2019 में पत्रकार मनोज तिबरेवाल आकाश के पुश्तैनी घर को तोड़ने से जुड़ा था। सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि इसके लिए सिर्फ एक सार्वजनिक घोषणा “मुहूर्त” के जरिए की गई थी। इसके लिए न ही किसी लिखित नोटिस या कानूनी आधार के बारे में स्पष्ट रूप से बताया गया था।