UP: दूल्हे ने अपनी शादी में खुद निभाई पुरोहित की जिम्मेदारी… वैदिक मंत्र पढ़कर संपन्न कराईं विवाह की रस्में
दूल्हे ने शादी के दौरान पुरोहित की भूमिका निभाते हुए वैदिक मंत्रों से शादी की सभी रस्में पूरी की, जो एक नई परंपरा की शुरुआत बन गई।

घटना का विवरण:
उत्तर प्रदेश के [शहर/गांव का नाम] में एक अनोखी शादी देखने को मिली, जहां दूल्हे ने न सिर्फ अपनी शादी में पूरी सक्रिय भूमिका निभाई, बल्कि पुरोहित की जिम्मेदारी भी खुद निभाई। दूल्हे ने वैदिक मंत्रों का उच्चारण करते हुए विवाह की सभी रस्में संपन्न कराईं।
नई परंपरा:
यह घटना एक नई परंपरा को जन्म देती है, जिसमें दूल्हा न केवल दुल्हन के साथ विवाह के बंधन में बंधता है, बल्कि वह खुद इस पवित्र रस्म का हिस्सा बनता है। पारंपरिक रूप से यह जिम्मेदारी पुरोहित की होती है, लेकिन इस विवाह में दूल्हे ने इसे खुद निभाया।
परिवार और मेहमानों की प्रतिक्रिया:
दूल्हे के इस कदम को परिवार और रिश्तेदारों ने बहुत सराहा। सभी ने इस निर्णय को एक अद्भुत और सशक्त विचार के रूप में देखा।
दूल्हे का बयान:
दूल्हे ने कहा, “मुझे अपनी शादी में पुरोहित की भूमिका निभाकर गर्व महसूस हुआ। यह मेरे लिए एक महत्वपूर्ण क्षण था, क्योंकि मैं चाहता था कि यह दिन और भी खास बने।”
समाज में बदलाव की ओर एक कदम:
इस घटना को समाज में बदलाव की ओर एक सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें पारंपरिक रिवाजों और नई सोच का संगम देखने को मिला।