‘मैं बेगुनाह हूं’, जिसने बचाई थी ऋषभ पंत की जान, अब वह अस्पताल में मौत से लड़ते हुए कर रहा दावा

Muzaffarnagar News: भारत के क्रिकेटर ऋषभ पंत की जान बचाने वाले रजत कुमार अब अपनी जिंदगी को लेकर अस्पताल में संघर्ष कर रहे हैं। हाल ही में रजत और उसकी प्रेमिका मनु ने जहर खा लिया था, और इस दौरान एक गांववाले ने उन्हें तड़पते हुए देखा और तुरंत अस्पताल पहुंचाया। इलाज के दौरान मनु की मौत हो गई, जबकि रजत की जान बच गई। लेकिन अब मनु के परिवार ने रजत के खिलाफ जहर देने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है।
मुजफ्फरनगर जिले के एक गांव का है पूरा मामला
मिली जानकारी के मुताबिक, यह घटना मुजफ्फरनगर जिले के एक गांव में हुई है, जहां कभी रजत की बहादुरी पर लोग गर्व करते थे, अब वही गांववाले उसकी बदनामी की बातें कर रहे हैं। मुजफ्फरनगर के एसपी सत्यनारायण प्रजापत ने बताया कि मनु की मां के हस्तक्षेप करने तक कोई पुलिस मामला दर्ज नहीं किया गया था। अब पुलिस ने मनु के परिवार की शिकायत के बाद रजत पर आरोपों की जांच शुरू कर दी है।
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पिछले साल दिसंबर महीने की है रजत कुमार की बहादुरी की कहानी
रजत कुमार की बहादुरी की कहानी पिछले साल दिसंबर की है, जब उसने और उसकी प्रेमिका निशु ने दिल्ली-देहरादून हाइवे पर रूड़की के पास एक बुरी तरह पलटी हुई और जल रही मर्सिडीज कार देखी। जब रजत और निशु ने कार के अंदर घायल व्यक्ति को देखा, तो उन्होंने तुरंत उसकी मदद की और उसे बाहर निकाला। इस व्यक्ति को गंभीर चोटें आई थीं और वह खून से लथपथ था। उस वक्त रजत को नहीं पता था कि वह व्यक्ति भारतीय क्रिकेटर ऋषभ पंत हैं।
रजत ने पुलिस को फोन किया और मदद आने तक वहीं रुके
रजत ने पुलिस को फोन किया और मदद आने तक वहीं रुके रहे। बाद में पंत ने इस बहादुरी के लिए रजत का धन्यवाद किया और उन्हें एक बाइक गिफ्ट की। पंत ने रजत को “हीरो” कहा और उनकी मदद के लिए आभार व्यक्त किया था। लेकिन अब महीनों बाद, रजत कुमार की ज़िंदगी में एक नया मोड़ आया है। उसकी प्रेमिका मनु के परिवार ने उस पर जहर देने का आरोप लगाया है। रजत अब अस्पताल में अपनी जिंदगी की लड़ाई लड़ रहा है और दावा कर रहा है कि वह बेगुनाह है। उसने यह भी कहा कि वह जिस अपराध का आरोपी है, वह उसने नहीं किया।
NEWS SOURCE Credit : punjabkesari