Prayagraj Junction: भगदड़ जैसी स्थिति के कारण यात्रियों के प्रवेश पर रोक, सभी गेट बंद करने पड़े
प्रवेश पर रोक लगाने के बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गेटों को किया गया बंद

प्रयागराज : महाकुंभ 2025 के दौरान प्रयागराज जंक्शन पर अचानक भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे रेलवे प्रशासन को सख्त कदम उठाने पड़े। भारी भीड़ के कारण यात्रियों का प्रवेश असंभव हो गया, और इस पर नियंत्रण पाने के लिए प्रशासन ने जंक्शन के सभी गेट बंद कर दिए और यात्रियों के प्रवेश पर रोक लगा दी।
भीड़ की वजह से पैदा हुआ तनाव
महाकुंभ के चलते प्रयागराज जंक्शन पर भारी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंच रहे हैं, लेकिन इस भीड़ ने यातायात व्यवस्था को प्रभावित किया। जंक्शन पर प्रवेश करने के लिए लोगों की लंबी कतारें लग गईं, और स्थिति इतनी विकट हो गई कि प्रशासन को सभी गेट बंद करने पड़े। इसके बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई।
कड़ी सुरक्षा, प्रशासन ने क्या कदम उठाए?
घटना के बाद रेलवे अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई की और सभी गेटों को बंद कर दिया। साथ ही, स्टेशन पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया। यात्री अब केवल निर्धारित प्रवेश मार्गों से ही अंदर जा सकते थे, और उन्हें धक्का-मुक्की से बचने के लिए समझाया गया। प्रशासन का कहना है कि स्थिति को सामान्य करने के लिए रेल प्रशासन ने यात्री प्रवाह को व्यवस्थित करने के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए हैं।
यात्रियों को हो रही परेशानियां
यात्रियों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालु और यात्री एक साथ जंक्शन पर पहुंचने से भीड़ का सामना करना पड़ रहा है। कई यात्रियों का कहना है कि वे अपने गंतव्य तक पहुँचने में देरी महसूस कर रहे हैं, और उनके लिए ट्रेन पकड़ना मुश्किल हो रहा है।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे जंक्शन पर आकर पूरी तरह से शांतिपूर्वक व्यवस्था का पालन करें और किसी भी स्थिति में अफरातफरी से बचें। रेलवे प्रशासन ने भी यात्रियों से अपील की है कि वे पहले से निर्धारित रास्तों का ही उपयोग करें और ट्रेनों के समय की जानकारी लेने के लिए विशेष काउंटर का उपयोग करें।
स्थिति को सामान्य करने का प्रयास जारी
रेलवे और स्थानीय प्रशासन की ओर से स्थिति को जल्द सामान्य करने के प्रयास जारी हैं। यात्री अब पहले से अधिक व्यवस्थित तरीके से जंक्शन पर प्रवेश कर रहे हैं, और प्रशासन ने हर संभावित उपाय किए हैं ताकि इस तरह की घटना भविष्य में न हो।