
वॉशिंगटन/नई दिल्ली: अमेरिका में बसे लाखों भारतीयों के लिए चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन ने अवैध रूप से रह रहे प्रवासियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की योजना बनाई है, जिसके तहत करीब 14 लाख पंजाबियों को अमेरिका से निकाले जाने की तैयारी चल रही है। यह फैसला अप्रवासी समुदाय, विशेष रूप से भारतीयों और खासकर पंजाबियों के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है।
अवैध प्रवासियों के खिलाफ सख्ती
डोनाल्ड ट्रंप, जो इस साल फिर से राष्ट्रपति चुनाव लड़ रहे हैं, पहले भी अवैध प्रवासियों के खिलाफ कड़े रुख के लिए जाने जाते रहे हैं। जब वे 2016 में राष्ट्रपति बने थे, तब भी उन्होंने अप्रवासियों पर सख्त नीति अपनाई थी। अब 2024 के चुनावी प्रचार के दौरान उन्होंने दोबारा संकेत दिए हैं कि अगर वे सत्ता में लौटते हैं, तो अवैध अप्रवासियों को बड़ी संख्या में निर्वासित करेंगे।
पंजाबियों पर क्यों आई मुसीबत?
अमेरिका में बड़ी संख्या में पंजाब के लोग रहते हैं, जिनमें से कई राजनीतिक शरण (Asylum Seekers) के तहत वहां पहुंचे हैं। कुछ लोग वैध वीज़ा पर गए लेकिन समय समाप्त होने के बाद भी वहीं रह गए, जबकि कुछ लोग अवैध रूप से सीमा पार कर अमेरिका पहुंचे। अब ट्रंप सरकार ऐसे ही अवैध प्रवासियों पर शिकंजा कसने की योजना बना रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका में रहने वाले करीब 14 लाख पंजाबी अप्रवासी इस नई नीति की चपेट में आ सकते हैं। हाल ही में अमेरिकी प्रशासन ने कई राज्यों में अवैध अप्रवासियों की पहचान और निर्वासन अभियान तेज कर दिया है।
ट्रंप की ‘डिपोर्टेशन योजना’ क्या है?
डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा था कि उनका प्रशासन ‘सबसे बड़ा निर्वासन अभियान’ (Mass Deportation Plan) शुरू करेगा। उनके अनुसार, अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे लाखों प्रवासियों को देश से बाहर निकाला जाएगा। इसके लिए यूएस इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट (ICE) और अन्य एजेंसियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं।
भारतीयों के लिए खतरे की घंटी?
अगर ट्रंप की यह नीति लागू होती है, तो अमेरिका में बसे भारतीयों, खासकर पंजाबियों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। बहुत से पंजाबी युवा हर साल बेहतर जीवन की तलाश में अमेरिका जाते हैं, लेकिन अब उनके लिए वहां टिके रहना मुश्किल हो सकता है।
भारत सरकार की प्रतिक्रिया
इस मुद्दे पर अभी तक भारत सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ट्रंप प्रशासन यह नीति लागू करता है, तो भारत-अमेरिका संबंधों पर भी असर पड़ सकता है।
अब आगे क्या?
अमेरिकी चुनाव करीब हैं, और अगर ट्रंप फिर से राष्ट्रपति बनते हैं, तो यह देखना होगा कि वे अपने इस वादे को कितना अमल में लाते हैं। फिलहाल, अमेरिका में रह रहे अवैध भारतीय अप्रवासियों के लिए यह चिंता का विषय बना हुआ है