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Bihar: पांच साल में कितनी बदली बिहार की सियासत? नीतीश ने तीन बार ली शपथ; साथी बदले, पर सीएम की कुर्सी उनकी रही

बिहार की राजनीति: 2020 से अब तक के घटनाक्रम और विधानसभा सीटों का गणित

बिहार : में 2020 के विधानसभा चुनाव 28 अक्तूबर से 7 नवंबर 2020 तक आयोजित किए गए थे, और मतगणना 10 नवंबर को हुई थी। इस चुनावी मुकाबले में सत्ताधारी एनडीए गठबंधन और महागठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला हुआ।

एनडीए गठबंधन में भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.), जनता दल यूनाइटेड (जदयू), हम, और वीआईपी शामिल थीं। वहीं महागठबंधन में राष्ट्रीय जनता दल (राजद), वाम दल, और कांग्रेस शामिल थीं। कुल 243 सीटों वाले बिहार विधानसभा में एनडीए को 125 सीटें मिलीं, जिसमें भाजपा को 74, जदयू को 43, और वीआईपी को 4 सीटें प्राप्त हुईं। वहीं, महागठबंधन को 110 सीटें मिलीं, जिसमें राजद को 75, कांग्रेस को 19, और वाम दलों को 16 सीटें प्राप्त हुईं।

2020 के चुनाव के बाद का सियासी ड्रामा
चुनाव परिणाम के बाद, नीतीश कुमार की पार्टी जदयू ने मुख्यमंत्री पद पर दावा कायम रखा, भले ही उसे सबसे कम सीटें मिली थीं। भाजपा को अधिक सीटें मिलने के बावजूद, भाजपा ने मुख्यमंत्री पद पर दावा नहीं किया, और नीतीश कुमार ने एक बार फिर मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

हालांकि, 2022 में नीतीश कुमार ने भाजपा से गठबंधन तोड़ते हुए महागठबंधन का हाथ थाम लिया और नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनका यह निर्णय जदयू के सिकुड़ते वोटर बेस और भाजपा द्वारा लोजपा को जदयू के खिलाफ उतारने के कारण लिया गया था।

नीतीश कुमार का एनडीए में लौटना
2024 के लोकसभा चुनाव की आहट के साथ नीतीश कुमार ने एक बार फिर एनडीए में वापसी की। जदयू के कई नेता भाजपा के साथ लौटने की बात करने लगे, और अंत में नीतीश कुमार ने महागठबंधन छोड़ दिया और एनडीए के साथ सरकार बनाई।

विधानसभा सीटों का गणित और उपचुनावों का असर
जदयू, राजद, भाजपा, और अन्य दलों के बीच सीटों का गणित लगातार बदलता रहा है। उपचुनावों में भाजपा ने कई सीटों पर कब्जा किया, जिससे एनडीए का गणित मजबूत हुआ। इसके अलावा, जदयू और राजद की सीटों में भी बदलाव आया, जिससे विधानसभा में सत्ता की दिशा बदलती रही।

2024 के उपचुनावों के परिणाम
भा.ज.पा. ने उपचुनावों में अपनी सीटों की संख्या में इज़ाफा किया और अब वह 80 विधायकों के साथ कागज पर सबसे बड़ी पार्टी बन गई है।

वर्तमान विधानसभा स्थिति
वर्तमान में विधानसभा में जदयू के पास 45, राजद के पास 77, भाजपा के पास 80, और कांग्रेस के पास 19 विधायक हैं। इसके अलावा, अन्य छोटे दलों और निर्दलीय विधायकों की भी अपनी स्थिति है।

सियासी भविष्य
आने वाले महीनों में बिहार में विधानसभा चुनाव की घोषणा होने वाली है, और राजनीतिक उथल-पुथल के बीच यह देखना दिलचस्प होगा कि किस पार्टी या गठबंधन की स्थिति मजबूत होती है।

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