
होली के अवकाश के बाद आज से संसद का बजट सत्र फिर से शुरू हो रहा है। इस दौरान लोकसभा में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पेश किए जाएंगे, जिनमें विभिन्न स्टैंडिंग कमेटियों की रिपोर्ट भी शामिल हैं। इनमें से कुछ रिपोर्ट रक्षा मामलों और सामाजिक न्याय से जुड़ी महत्वपूर्ण कमेटियों की होंगी। आज की कार्यवाही में भाजपा सांसद राधा मोहन सिंह और सपा सांसद विरेंद्र सिंह रक्षा मामलों की स्टैंडिंग कमेटी की रिपोर्ट पेश करेंगे। वहीं, सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण मामलों की स्टैंडिंग कमेटी भी अपनी रिपोर्ट लोकसभा में पेश कर सकती है।
लोकसभा और राज्यसभा में संभावित हंगामा
संसद के इस सत्र में हंगामे की संभावना बनी हुई है। विशेष रूप से लोकसभा में आज स्टैंडिंग कमिटी की रिपोर्ट्स पर चर्चा होने की संभावना है। इस बीच, 12 मार्च को राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी को लेकर हंगामा हुआ था, और आज भी उस मुद्दे पर तीखी बहस हो सकती है। राज्यसभा में विपक्ष ने खरगे के बयान पर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद सदन में तू-तू, मैं-मैं का माहौल बन गया था। अब इस मुद्दे पर भी संसद में कोई बड़ा हंगामा हो सकता है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री पर विवाद
लोकसभा में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा डीएमके सांसदों पर की गई टिप्पणी पर भी बवाल हुआ था। मंत्री प्रधान ने डीएमके के सांसदों पर आरोप लगाया था कि वे नई शिक्षा नीति के तीन भाषा विवाद को लेकर असहमति जता रहे हैं। इस विवाद ने संसद में गहरे राजनीतिक और शैक्षिक विवाद को जन्म दिया है। वहीं, शिक्षा नीति के तहत तीन भाषाओं को लेकर संसद में कई सवाल उठ रहे हैं, जिसके कारण आज भी इस मुद्दे पर गहमागहमी हो सकती है।
नई शिक्षा नीति पर बहस
नई शिक्षा नीति, खासतौर पर तीन भाषाओं के विवाद पर संसद में जोरदार बहस हो सकती है। यह विवाद इस बात को लेकर है कि क्या भारतीय छात्रों को अपनी शिक्षा में तीन भाषाओं का अध्ययन करना अनिवार्य होना चाहिए या नहीं। कुछ दल इस नीति का विरोध कर रहे हैं, जबकि कुछ इसे शिक्षा के विकास के रूप में देख रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर भी लोकसभा और राज्यसभा में हंगामा हो सकता है, और यह संसद के इस सत्र का एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकता है।
अन्य प्रमुख मुद्दे
संसद में इस सत्र के दौरान कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हो सकती है, जिसमें केंद्र सरकार की योजनाओं, सरकारी नौकरियों, और विभिन्न सामाजिक कल्याण योजनाओं की स्थिति पर सवाल उठाए जा सकते हैं।
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