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Rajya Sabha: ‘चुनाव जीता हूं, किसी की कृपा से नहीं आया’, गृह मंत्री शाह और टीएमसी नेता के बीच तीखी नोकझोंक

योजनाओं की सख्त मॉनिटरिंग और जवाबदेही से ही मिलेगा जनहित कार्यों का पूरा लाभ

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट रूप से कहा कि जनहित के कार्यों में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी पाई गई तो कार्रवाई तय है।

सीएम कमांड सेंटर का निरीक्षण और योजनाओं की समीक्षा

मुख्यमंत्री ने लाल बहादुर शास्त्री भवन स्थित सीएम कमांड सेंटर का निरीक्षण किया और प्रदेश में चल रही विभिन्न योजनाओं और विभागीय परफॉर्मेंस की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी योजनाओं और विभागों की सिर्फ तीन कैटेगरी (A, B, C) में मॉनिटरिंग होनी चाहिए।

निगरानी और समीक्षा की नई व्यवस्था

  • जनपद स्तर पर प्रतिदिन, अल्टरनेट दिनों में, साप्ताहिक और पाक्षिक समीक्षा की जाए।
  • प्रत्येक जिले में एक अधिकारी की तैनाती की जाए, जो डेटा की सटीकता सुनिश्चित करे।
  • मासिक समीक्षा मंत्री स्तर पर की जाए और रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी जाए।
  • वरासत, लैंड यूज जैसी सेवाओं के निर्धारण में समय सीमा का पालन हो।

परफॉर्मेंस ट्रैकिंग और जवाबदेही पर जोर

  • मुख्यमंत्री ने कहा कि फ्लैगशिप स्कीम्स की प्रगति पर नजर रखने के लिए रैंकिंग प्रणाली विकसित की गई है।
  • योजनाओं और विभागों की स्पीड और क्वालिटी को प्राथमिकता दी जाए।
  • बेहतर परफॉर्मेंस वाले विभागों को प्रोत्साहित किया जाएगा और कमजोर प्रदर्शन करने वालों की जवाबदेही तय होगी।
  • परफॉर्मेंस डेटा की रैंडम चेकिंग कराई जाएगी और टॉप-10 योजनाओं का विश्लेषण किया जाएगा।

ODOP और निवेश बढ़ाने पर निर्देश

  • एमएसएमई विभाग को ODOP (One District, One Product) योजना को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपदों के विशिष्ट फूड प्रोडक्ट्स को भी इस योजना में जोड़ा जाए।
  • निवेश मित्र पोर्टल पर लंबित मामलों का जल्द से जल्द निस्तारण किया जाए।

100% सैचुरेशन का लक्ष्य

  • मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई सरकारी योजना 100% लाभार्थियों तक नहीं पहुंची, तो उसका उद्देश्य अधूरा है।
  • हर विभाग को नियमित मॉनिटरिंग करनी होगी और यह सुनिश्चित करना होगा कि योजनाओं का लाभ अधिकतम लोगों तक पहुंचे।

IGRS शिकायत निवारण प्रणाली पर फोकस

  • IGRS (Integrated Grievance Redressal System) की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण की संतुष्टि दर बढ़ाई जाए।
  • पुलिस, रेवेन्यू, स्वास्थ्य, नगर निगम, पंचायती राज सहित सभी विभागों को शिकायतों का त्वरित समाधान करने का निर्देश दिया गया।

महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति पर नजर

  • कानपुर मेट्रो सहित अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं की नियमित फोटो अपलोडिंग के निर्देश दिए गए।
  • ई-अधियाचन (E-Procurement) मामलों को विभागीय स्तर पर चेक करने के बाद ही आगे भेजने का आदेश दिया गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि यूपी में विकास की गति धीमी नहीं होगी और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।

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