उत्तर प्रदेशलखनऊ

लखनऊ: डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का विद्या बालन के साथ हुआ गंधर्व विवाह, मायावती ने दिया 11 रुपये का नेग!

लखनऊ के घोंघा बसंत महोत्सव में हास्य और व्यंग्य की धूम

लखनऊ : में प्रतिवर्ष 1 अप्रैल को आयोजित होने वाला प्रसिद्ध घोंघा बसंत महोत्सव इस बार भी हास्य और व्यंग्य से सराबोर रहा। रंगभारती संस्था द्वारा चारबाग स्थित रवींद्रालय में इस अनोखे उत्सव का आयोजन किया गया। यह आयोजन अपने अनूठे अंदाज, हास्य कविताओं, व्यंग्यपूर्ण सम्मान और प्रतीकात्मक गंधर्व विवाह के लिए प्रसिद्ध है। इस वर्ष भी यह महोत्सव दर्शकों को हंसी से लोटपोट करने में सफल रहा।

गधे के हाथों उद्घाटन, हंसी से गूंजा सभागार

इस हास्य महोत्सव की परंपरा के अनुसार, उद्घाटन किसी सम्मानित गणमान्य व्यक्ति से नहीं, बल्कि गधे के हाथों कराया गया। यह परंपरा समाज में व्याप्त विसंगतियों और विडंबनाओं पर करारा व्यंग्य करती है। उद्घाटन के साथ ही पूरे सभागार में ठहाकों की गूंज सुनाई देने लगी।

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का गंधर्व विवाह

इस आयोजन में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक समेत कई प्रमुख हस्तियों का गंधर्व विवाह प्रतीकात्मक रूप से संपन्न हुआ। इस दौरान:

  • ब्रजेश पाठक का विवाह विद्या बालन से कराया गया।
  • श्याम कुमार का विवाह माधुरी दीक्षित से हुआ।
  • डॉ. सुरेश अवस्थी को करीना कपूर की संगिनी बनाया गया।
  • डॉ. अम्मार रिजवी का महबूबा मुफ्ती से विवाह संपन्न हुआ।
  • आईएएस अभिषेक प्रकाश का विवाह ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) से कराया गया।

गंधर्व विवाह की इस परंपरा ने दर्शकों को जमकर हंसने पर मजबूर कर दिया। खास बात यह रही कि पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की ओर से सभी “दुल्हनों” को “सदा सुहागन रहो” का आशीर्वाद और 11-11 रुपये का नेग दिया गया।

रंगभारती अध्यक्ष श्याम कुमार की खास एंट्री

रंगभारती संस्था के अध्यक्ष श्याम कुमार इस बार कुछ अलग ही अंदाज में नजर आए। वे किन्नर अखाड़े की नामांकित महामंडलेश्वर ममता कुलकर्णी के रूप में मंच पर उतरे, और उनके साथ सुरक्षा कमांडो भी मौजूद थे। उनका यह रूप देखकर पूरा सभागार ठहाकों और तालियों से गूंज उठा। मंच पर हास्य कलाकार राजेंद्र विश्वकर्मा हरिहर ने उनका स्वागत जूते से बनी माला पहनाकर किया, जिससे समारोह में और अधिक मनोरंजन जुड़ गया।

व्यंग्यपूर्ण सम्मान और पुरस्कार वितरण

घोंघा बसंत महोत्सव की सबसे अनूठी परंपरा विभिन्न व्यंग्यपूर्ण सम्मानों का वितरण है। इस बार भी कई प्रतिष्ठित हस्तियों और सरकारी संस्थानों को अनोखे पुरस्कारों से नवाजा गया:

  • “मूर्खरत्न सम्मान” – स्वामी प्रसाद मौर्य, रामगोपाल यादव, जया बच्चन, लालू यादव, स्टालिन, मल्लिकार्जुन खड़गे और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा को दिया गया।
  • “ढेंचू सम्मान” – समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को प्रदान किया गया।
  • “कुंभकर्ण सम्मान” – नगर निगम अतिक्रमण उन्मूलन प्रभाग, एलडीए, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग, वन विभाग, मुख्यमंत्री पोर्टल को दिया गया।

कवियों ने हास्य से उड़ाई गुदगुदी

इस महोत्सव में कई जाने-माने हास्य कवियों ने शिरकत की और अपनी रचनाओं से दर्शकों को खूब गुदगुदाया।

  • डॉ. सुरेश अवस्थी (कानपुर) – “इनको पूरी छूट है, उनको पूरी छूट। हम हैं लुटने के लिए, जो चाहे ले लूट।”
  • डॉ. ताराचंद ‘तनहा’ (अयोध्या) – “गोरी तेरे होंठ यूं, ज्यों फागुन के छंद। जाने किसके नाम है, निविदा मोहरबंद।”
  • विनोद सिंह कलहंस (बलरामपुर) – “हुई कुटाई, हुई धुनाई, तब मुझको ये इल्म हुआ, इश्क में इतने डंडे खाना सबके बस की बात नहीं।”
  • संदीप अनुरागी (बाराबंकी) – “पत्नी ने जब प्यार से कहा- ‘खाना खाइए’। टिंडे वाली सब्जी भी खीर लगने लगी।”

इसके अलावा अरविंद झा, श्याम कुमार, जमुना प्रसाद पांडेय ‘अबोध’, अमित अनपढ़, निर्भय निश्छल, कमलेश मौर्य मृदु (सीतापुर), समीर शुक्ल (फतेहपुर), राज बनारसी (वाराणसी), शेखर त्रिपाठी जैसे कवियों ने अपने चुटीले व्यंग्यों से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।

विशेष हास्य उपहार

महोत्सव में राजनीति और प्रशासनिक तंत्र पर व्यंग्य करते हुए कुछ विशेष हास्य उपहार भी प्रदान किए गए:

  • हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ल की ओर से पत्तलों की जयमाल।
  • भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी की ओर से गोबर के कंडे से बनी जयमाल।
  • लखनऊ के डीएम विशाख जी की ओर से स्वास्थ्य लाभ हेतु टमाटर।
  • लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल की ओर से राजमुकुट।
  • डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने लॉलीपॉप भेंट किया।

निष्कर्ष

घोंघा बसंत महोत्सव सिर्फ एक हास्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज की राजनीतिक और प्रशासनिक विडंबनाओं पर कटाक्ष करने का एक मंच है। यह महोत्सव 64 वर्षों से लगातार आयोजित किया जा रहा है, और रंगभारती के अध्यक्ष श्याम कुमार की जिजीविषा इसे हर साल और भी मनोरंजक बनाती है। इस बार भी इस आयोजन ने हंसी, व्यंग्य और हास्य कविता के जरिए लोगों को एक अनूठा अनुभव दिया।

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