फलोदी / चित्तौड़गढ़: राजस्थान की पावन धरती पर भक्ति और हुनर का अद्भुत संगम एक बार फिर देखने को मिला है। फलोदी जिले के युवा स्वर्णकार प्रकाश सोनी ने सांवरिया सेठ के दरबार के लिए चांदी से बनी एक ऐसी अनोखी भेंट तैयार की है, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह गया।
इस बार भगवान सांवरिया सेठ के चरणों में मिनी चांदी की ट्रैक्टर-ट्रॉली अर्पित की जाएगी, जिसकी कीमत करीब 40 हजार रुपये बताई जा रही है।
भक्ति से जन्मी अनोखी कृति
प्रकाश सोनी ने बताया कि सांवरिया सेठ के भक्त अपनी मनोकामना पूरी होने पर सोने-चांदी से बने विशेष खिलौने और प्रतीकात्मक वस्तुएं अर्पित करते हैं। इसी परंपरा के तहत एक भक्त की विशेष इच्छा पर यह चांदी की ट्रैक्टर-ट्रॉली तैयार की गई है।
जल्द ही इसे चित्तौड़गढ़ जिले के सांवलिया जी मंदिर में विधिवत रूप से भगवान को भेंट किया जाएगा।
121 ग्राम चांदी, बारीक कारीगरी
इस मिनी ट्रैक्टर-ट्रॉली को बनाने में —
- 121 ग्राम शुद्ध चांदी का इस्तेमाल किया गया है
- हर छोटा-बड़ा हिस्सा बेहद बारीकी से तैयार किया गया है
- पहिए, बॉडी, ट्रॉली और डिज़ाइन असली ट्रैक्टर की तरह नजर आते हैं
कारीगरी इतनी सूक्ष्म है कि पहली नजर में देखकर लोग इसे असली ट्रैक्टर का छोटा मॉडल समझ बैठते हैं।
लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है नाम
प्रकाश सोनी पहले भी अपनी अनूठी कारीगरी से देशभर में पहचान बना चुके हैं।
उन्होंने —
- बैटरी से चलने वाला सूक्ष्म चांदी का पंखा बनाकर
- लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया था
प्रकाश का सपना है कि वे अपनी यह विश्व रिकॉर्ड वाली कलाकृति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट करें।
कौन हैं सांवरिया सेठ?
सांवरिया सेठ, भगवान श्रीकृष्ण का ही एक स्वरूप माने जाते हैं।
- चित्तौड़गढ़ जिले के सांवलिया जी मंदिर में उनकी भव्य पूजा होती है
- व्यापारी उन्हें अपना ‘बिजनेस पार्टनर’ मानते हैं
- भक्त अपनी कमाई का हिस्सा उन्हें अर्पित करते हैं
- मान्यता है कि सांवले रंग वाले ये भगवान अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं
फलोदी के युवा स्वर्णकार प्रकाश सोनी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि जब भक्ति और हुनर मिलते हैं, तो कला इतिहास बन जाती है। चांदी की यह ट्रैक्टर-ट्रॉली न सिर्फ एक भेंट है, बल्कि श्रद्धा, आस्था और भारतीय कारीगरी का जीवंत उदाहरण भी है। आने वाले दिनों में सांवरिया सेठ के दरबार में यह अनोखी भेंट श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनेगी।


