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अब चीनी ऐप में चलेगी भारत की तकनीक! Alipay+ से जुड़ सकता है UPI, विदेशों में पेमेंट होगा आसान

भारत सरकार और RBI के बीच चल रही बातचीत, Alipay+ नेटवर्क से जुड़कर 100 से ज्यादा देशों में काम कर सकता है UPI।

नई दिल्ली।
भारत की डिजिटल पेमेंट तकनीक को वैश्विक स्तर पर बड़ी मजबूती मिल सकती है। भारत सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) चीन की Alipay+ सेवा को भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) से जोड़ने को लेकर बातचीत कर रहे हैं। अगर यह बातचीत सफल रहती है, तो भविष्य में भारतीय पर्यटक उन सभी देशों में UPI के जरिए भुगतान कर सकेंगे, जहां Alipay+ का नेटवर्क मौजूद है।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस संभावित साझेदारी से खासतौर पर भारतीय यात्रियों को चीन और अन्य देशों में डिजिटल पेमेंट करने में बड़ी सुविधा मिल सकती है। गौरतलब है कि Alipay+ 100 से अधिक देशों में उपलब्ध है, ऐसे में UPI के इससे जुड़ने पर भारत की पेमेंट टेक्नोलॉजी को वैश्विक पहचान और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

UPI–Alipay+ लिंक होने का क्या मतलब है

यदि UPI को Alipay+ से जोड़ा जाता है, तो भारतीय यूजर्स अपने मौजूदा UPI ऐप्स के जरिए विदेशों में भुगतान कर पाएंगे। इसके लिए केवल UPI Global फीचर को एक्टिवेट करना होगा। अभी विदेश यात्रा के दौरान लोगों को करेंसी एक्सचेंज, इंटरनेशनल कार्ड या ज्यादा ट्रांजेक्शन चार्ज वाले विकल्पों पर निर्भर रहना पड़ता है।

इस नई व्यवस्था के तहत भारतीय पर्यटक सीधे भारतीय रुपये में डिजिटल भुगतान कर सकेंगे, जिससे न केवल खर्च आसान होगा बल्कि लेन-देन भी ज्यादा पारदर्शी और तेज हो जाएगा।

भारतीय यात्रियों को क्या होगा फायदा

रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत सरकार की इस पहल का सबसे बड़ा लाभ भारतीय यात्रियों को मिलेगा। Alipay+ नेटवर्क से जुड़ने के बाद UPI यूजर्स को विदेशी मुद्रा बदलने की झंझट से राहत मिलेगी। इसके साथ ही ट्रांजेक्शन चार्ज भी कम हो सकता है और भुगतान प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और सुरक्षित होगी।

अगर यह योजना लागू होती है, तो UPI केवल भारत तक सीमित न रहकर एक ग्लोबल डिजिटल पेमेंट सिस्टम के रूप में उभर सकता है।

सुरक्षा और डेटा प्राइवेसी सबसे बड़ी चुनौती

हालांकि यह कदम फायदेमंद नजर आता है, लेकिन इसके साथ सुरक्षा और डेटा प्राइवेसी को लेकर कई अहम सवाल भी जुड़े हैं। Alipay+ चीनी फिनटेक कंपनी Ant Group का प्रोडक्ट है। ऐसे में भारत सरकार इस बात को लेकर पूरी तरह सतर्क है कि भारतीय यूजर्स का डेटा सुरक्षित रहे।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, किसी भी अंतिम फैसले से पहले देश के डिजिटल बुनियादी ढांचे और नागरिकों के डेटा की सुरक्षा को लेकर गहन जांच की जाएगी। उल्लेखनीय है कि 2020 के बाद भारत ने चीनी निवेश और टेक्नोलॉजी पर सख्त नियम लागू किए थे, इसलिए इस परियोजना को कड़े मानकों पर खरा उतरना होगा।

सुधरते भारत–चीन रिश्तों का संकेत

UPI और Alipay+ को जोड़ने की चर्चा ऐसे समय में सामने आई है, जब भारत और चीन के रिश्तों में धीरे-धीरे सुधार देखा जा रहा है। पिछले वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात के बाद दोनों देशों के बीच संवाद बढ़ा है।

हाल ही में दोनों देशों के बीच सीधी कमर्शियल उड़ानों की बहाली और वीजा नियमों में ढील जैसे कदम उठाए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि UPI और Alipay+ को जोड़ने की पहल भी इन्हीं सुधरते कूटनीतिक और व्यापारिक संबंधों का हिस्सा हो सकती है।

अगर UPI को Alipay+ से जोड़ने पर सहमति बनती है, तो यह भारत की डिजिटल पेमेंट क्रांति के लिए एक बड़ा कदम साबित हो सकता है। इससे न केवल भारतीय यात्रियों को विदेशों में भुगतान करना आसान होगा, बल्कि UPI को एक मजबूत ग्लोबल फिनटेक ब्रांड के रूप में स्थापित करने में भी मदद मिलेगी। हालांकि, अंतिम फैसला सुरक्षा और डेटा संरक्षण से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच के बाद ही लिया जाएगा।

News Desk

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