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किस्मत पलटी और बन गए सुपरस्टार, एक्टर नहीं क्रिकेटर बनना चाहते थे इरफान

इरफान खान की मौत को 4 साल बीत गए हैं। 29 अप्रैल, 2020 को एक्टर ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया था। 06 जनवरी, 2025 को हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता इरफान खान की 58 बर्थ एनिवर्सरी है। दिवंगत एक्टर इरफान खान ने बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक में अपने अभिनय की छाप छोड़ी। उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री कई सुपरस्टार्स के साथ काम किया है। कई बेहतरीन स्टार्स ऐसे भी होते हैं, जिन्हें पर्दे पर देखना हर कोई पसंद करता था और उनकी मौत के बाद भी लोग उन्हें भूल नहीं पाते हैं। उन्हीं एक्टर्स में से एक 2011 में भारत सरकार द्वारा पद्मश्री से सम्मानित किए गए इरफान खान थे।

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क्रिकेटर से एक्टर बने थे इरफान

राजस्थान के जयपुर में इरफान का जन्म एक मुस्लिम पठान परिवार में 7 जनवरी 1967 को हुआ था। वह एक्टर नहीं बल्कि क्रिकेटर बनना चाहते थे। इस बात का खुलासा इरफान खान ने पिंकविला को दिए एक इंटरव्यू में किया था, ‘एक वक्त था जब मैं क्रिकेट खेलता था। मेरा सिलेक्शन सीके नायडू टूर्नामेंट के लिए हुआ था। उसमें मेरे 26 दोस्त चुने गए थे जिन्हें एक कैंप में जाना था, लेकिन मैं पैसे ना होने के कारण नहीं जा पाया और फिर मैंने क्रिकेट छोड़ने का फैसला किया।’

 

 

टीवी-बॉलीवुड नहीं हॉलीवुड में भी बनाई पहचान

‘द वारियर’, ‘मकबूल’, ‘हासिल’, ‘द नेमसेक’, ‘रोग’ जैसी फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवाया। वह ‘ए माइटी हार्ट’, ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’, ‘लाइफ ऑफ पाई’ और ‘द अमेजिंग स्पाइडर मैन’ हॉलीवुड फिल्मों के लिए भी दुनिया भर में मशहूर थे। उन्होंने टीवी जगत में भी काम किया था। वे हिन्दी सिनेमा की 30 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय कर चुके थे। इतना ही नहीं  2011 में उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्मश्री से सम्मानित किया। 60वे राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार 2012 में इरफान खान को फिल्म ‘पान सिंह तोमर’ में अभिनय के लिए श्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार दिया गया। 2017 में प्रदर्शित ‘हिंदी मीडियम’ फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता चुना गया। 2020 में प्रदर्शित ‘अंग्रेजी मीडियम’ उनकी प्रदर्शित अंतिम फिल्म रही।

एक्टर ने की थी मौत की भविष्यवाणी

इरफान खान की पत्नी सुतापा ने कहा था कि ये एक ऐसा दर्द है जिसे भूला पाना आसान नहीं है। उन्होंने कहा, ‘हम सकारात्मक रहने की कोशिश कर रहे हैं। एक साल हो जाएगा, मैं अभी भी लोगों से मिलने और उनसे बात नहीं कर पाती हूं। लोगों से मिलने से ज्यादा मैं लिखने में अच्छी हूं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘उनकी मौत से दो तीन दिन पहले मैं अस्पताल में था और अंतिम पलो में उन्होंने कहा, मैं मरने वाला हूं, मैंने उन्हें कहा ऐसा नहीं होगा, वो फिर मुस्कुराए और सो गए।’

NEWS SOURCE Credit : indiatv

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