लखनऊ

नियम तोड़ने पर होगी सजा, यूपी में सड़क सुरक्षा के नए नियम, अब 4 साल से ऊपर के बच्चों को भी पहनना होगा हेलमेट…

Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सड़क सुरक्षा पर बनी सहमति को लेकर सुप्रीम कोर्ट कमेटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया और सड़क सुरक्षा को लेकर कई अहम फैसले लिए गए।

सख्त अभियान चलाने का लिया फैसला
बैठक में यह तय किया गया कि वाहन चलाने वाले लोगों और 4 साल से अधिक उम्र के पीछे बैठने वालों को ISI मानक वाले हेलमेट पहनने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन/ईयरफोन का प्रयोग करने, उल्टी दिशा में गाड़ी चलाने और शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जाएगा। जो लोग इन नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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युवाओं की सड़क दुर्घटना में मौत बढ़ी
बैठक में यह भी सामने आया कि सड़क दुर्घटनाओं में 18 से 25 वर्ष के युवाओं की मृत्यु दर लगभग 25 प्रतिशत है। इस पर ध्यान देते हुए यह फैसला लिया गया कि यूपी बोर्ड की तरह सीबीएसई और आइसीएसई बोर्ड के कक्षा 6 से इंटर तक के पाठ्यक्रम में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा।

लाइसेंस के आवेदन हिंदी में होंगे
इसके अलावा, लाइसेंस बनाने के आवेदन हिंदी में लिए जाने का भी निर्देश दिया गया। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सभी सरकारी, अर्द्धसरकारी विभागों, बैंकों, स्कूलों, कॉलेजों और निजी कार्यालयों में दोपहिया वाहन से बिना हेलमेट आने वाले कर्मचारियों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

सड़कों पर बढ़ाए जाएंगे कैमरे, किया जाएगा अभियान
सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए सभी राष्ट्रीय और राज्य मार्गों पर स्पीड कैमरा, एएनपीआर कैमरा और सीसीटीवी कैमरे लगाने की कार्रवाई जल्द पूरी की जाएगी। इसके साथ ही पुलिस मुख्यालय और जिला स्तरीय अधिकारियों को विश्वकर्मा एप से जोड़ा जाएगा, जिससे ब्लैक स्पॉट्स की पहचान करने में समय कम लगे।

नए थाने बनाने का सुझाव
अपर पुलिस महानिदेशक के. सत्यनारायण ने सुझाव दिया कि अन्य राज्यों की तरह प्रत्येक जिले में यातायात और सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित विशिष्ट कार्यों के लिए एक यातायात थाना बनाया जाए। इस पर अध्यक्ष ने आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

पोर्टल को एकीकृत करने का सुझाव
अपर मुख्य सचिव परिवहन, वेंकेटेश्वर लू ने सुझाव दिया कि परिवहन विभाग की ऑनलाइन योजनाओं के पोर्टल के उपयोग के लिए जन-सुविधा केंद्रों का सहयोग लिया जाए। वहीं, परिवहन आयुक्त बीएन सिंह ने सभी विभागों के पोर्टल को एक ही प्लेटफॉर्म पर एकीकृत करने का प्रस्ताव रखा।

बैठक में प्रमुख अधिकारियों की उपस्थिति
इस बैठक में प्रमुख सचिव (चिकित्सा) पार्थ सारथी सेन शर्मा, विशेष सचिव (परिवहन) केपी सिंह और अन्य कई अधिकारी भी मौजूद थे।

NEWS SOURCE Credit : punjabkesari

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