उत्तर प्रदेश

प्रदेश में बच्चों की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम: योगी सरकार शुरू करेगी चाइल्ड हेल्पलाइन की 18 नई यूनिट्स

रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर यूनिट्स की स्थापना से बढ़ेगी बच्चों तक त्वरित सहायता की पहुंच

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाली योगी सरकार ने एक बार फिर एक बड़ा और सकारात्मक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार मिशन वात्सल्य योजना के तहत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को और अधिक प्रभावी एवं व्यापक बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

सरकार अब प्रदेश के 9 रेलवे स्टेशनों और 9 बस स्टैंड्स पर नई चाइल्ड हेल्पलाइन यूनिट्स की शुरुआत करने जा रही है, जिससे संकटग्रस्त या असुरक्षित बच्चों को अब पहले से कहीं अधिक तेजी और कुशलता से मदद मिल सकेगी।

75 जिलों में पहले से सक्रिय है हेल्पलाइन सेवा

वर्तमान में उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में चाइल्ड हेल्पलाइन की यूनिट्स कार्यरत हैं। साथ ही, 19 रेलवे स्टेशन यूनिट्स और 2 बस स्टैंड यूनिट्स पहले से कार्यरत हैं जो ट्रांजिट में यात्रा कर रहे या खोए हुए बच्चों की सहायता कर रही हैं।

अब इनकी संख्या बढ़ाकर 2024-25 में 18 नई यूनिट्स (9 रेलवे + 9 बस स्टैंड) की जाएगी। यह निर्णय भारत सरकार की स्वीकृति के बाद लिया गया है और कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।

24 घंटे उपलब्ध है हेल्पलाइन सेवा

चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 एक 24×7 सक्रिय सहायता सेवा है जो बच्चों को संकट के समय त्वरित सहायता, चिकित्सा, कानूनी सहायता, परामर्श, आश्रय एवं पुनर्वास सेवा उपलब्ध कराती है। इस सेवा के माध्यम से अब तक 10.05 लाख से अधिक कॉल्स प्राप्त हो चुकी हैं, जिनमें से 96,012 बच्चों को प्रत्यक्ष सहायता दी गई है।

रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड पर बढ़ेगी सुरक्षा

रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थलों पर बच्चे अक्सर लापता, परित्यक्त या संकट की स्थिति में पाए जाते हैं। इन जगहों पर चाइल्ड हेल्पलाइन यूनिट की उपस्थिति बच्चों के लिए एक संरक्षित और सुलभ सहारा प्रदान करेगी।

सरकार की नीति: कोई बच्चा संकट में अकेला न रहे

यह कदम योगी सरकार के उस लक्ष्य की पुष्टि करता है जिसमें यह सुनिश्चित किया गया है कि “कोई भी बच्चा संकट में अकेला न रहे।” मिशन वात्सल्य के अंतर्गत चाइल्ड हेल्पलाइन सेवा बच्चों की गरिमा, अधिकार और सुरक्षा सुनिश्चित करने में एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुकी है।


निष्कर्ष:

योगी सरकार का यह निर्णय राज्य में बाल सुरक्षा ढांचे को मजबूती देने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम है। 1098 जैसी सेवा का विस्तार बच्चों को भावनात्मक, मानसिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने में निर्णायक भूमिका निभा रहा है।

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