चाईबासा/रांची | वरिष्ठ कांग्रेस नेता और सांसद राहुल गांधी आज झारखंड के चाईबासा स्थित सांसद-विधायक अदालत में एक मानहानि मामले में पेश होंगे। यह मामला वर्ष 2018 में एक चुनावी रैली के दौरान भाजपा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी से जुड़ा है। इस केस को लेकर राहुल गांधी के आगमन से पहले चाईबासा में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
क्या है पूरा मामला?
यह केस प्रताप कुमार नामक स्थानीय व्यक्ति द्वारा दर्ज कराया गया था, जिन्होंने चाईबासा की एक रैली के दौरान राहुल गांधी द्वारा भाजपा नेताओं के खिलाफ कथित रूप से की गई टिप्पणियों को मानहानिकारक करार दिया था।
याचिकाकर्ता का आरोप:
राहुल गांधी ने यह बयान जानबूझकर अमित शाह की छवि को धूमिल करने के इरादे से दिया था, जिससे भाजपा समर्थकों की भावनाएं आहत हुईं।
कोर्ट कार्यवाही का अब तक का घटनाक्रम
- चाईबासा की विशेष सांसद-विधायक अदालत ने राहुल गांधी को 26 जून को पेश होने का आदेश दिया था।
- राहुल गांधी ने इस आदेश को झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी।
- उनके वकीलों ने कोर्ट को सूचित किया कि तय तिथि पर उपस्थिति संभव नहीं है, और 6 अगस्त की नई तारीख मांगी गई।
- हाईकोर्ट ने यह अनुरोध स्वीकार करते हुए 6 अगस्त को पेशी की अनुमति दी।
राहुल गांधी का झारखंड दौरा और शेड्यूल
राहुल गांधी मंगलवार को ही झारखंड पहुंचे थे, जहां उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के अंतिम संस्कार में भाग लिया। मंगलवार रात वह रांची में रुके और आज सुबह हेलीकॉप्टर से चाईबासा जाएंगे।
राहुल गांधी का कार्यक्रम (संभावित):
- सुबह 10:00 बजे: चाईबासा के टाटा कॉलेज मैदान स्थित हेलीपैड पर आगमन
- 10:40 बजे: चाईबासा अदालत में पेशी
- दोपहर बाद: रांची लौटकर दिल्ली के लिए प्रस्थान
सुरक्षा व्यवस्था चाकचौबंद
राहुल गांधी के आगमन को देखते हुए पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष सुरक्षा प्रबंध किए हैं।
एसडीओ संदीप अनुराग टोपनो ने बताया कि कोर्ट और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। हेलीपैड के अलावा अदालत परिसर में भी निगरानी बढ़ाई गई है।
महत्वपूर्ण तथ्य एक नजर में
विवरण | जानकारी |
---|---|
मामला | मानहानि, 2018 की रैली में कथित टिप्पणी |
शिकायतकर्ता | प्रताप कुमार, चाईबासा निवासी |
संबंधित व्यक्ति | अमित शाह (केंद्रीय गृह मंत्री) |
अदालत | सांसद-विधायक विशेष अदालत, चाईबासा |
राहुल गांधी की अगली पेशी | आज (6 अगस्त 2025) |
सुरक्षा व्यवस्था | जिला प्रशासन द्वारा विशेष व्यवस्था |
राजनीतिक संदर्भ और महत्व
इस मामले को राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह विपक्षी नेताओं के खिलाफ दायर मानहानि मामलों की श्रृंखला का एक हिस्सा है। इससे पहले भी राहुल गांधी कई मामलों में अदालतों का सामना कर चुके हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में नेताओं की छवि, जनसंपर्क रणनीति और राजनीतिक धारणा पर गहरा असर पड़ता है।
निष्कर्ष:
राहुल गांधी की अदालत में पेशी न केवल एक कानूनी प्रक्रिया है, बल्कि यह राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बन चुकी है। आने वाले समय में इस मामले की सुनवाई और फैसले का प्रभाव 2024 के बाद के राजनीतिक समीकरणों पर भी देखा जा सकता है।