नई दिल्ली / पोर्ट लुई: भारत और मॉरीशस के बीच गहरे सांस्कृतिक व पारिवारिक रिश्ते अब आर्थिक साझेदारी में बदलने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
मॉरीशस की वित्तीय सेवाएं एवं आर्थिक योजना मंत्री ज्योति जीतुन ने बुधवार को कहा कि दोनों देशों के बीच साझा विरासत और ऐतिहासिक संबंध अब नए आयाम ले रहे हैं।
👉 ज्योति जीतुन का बयान
मंत्री ने कहा,
“मेरे देश की अधिकांश आबादी की जड़ें भारत के विभिन्न हिस्सों से जुड़ी हैं। इस कारण हमारे बीच एक गहरा सांस्कृतिक, भाषाई और पैतृक रिश्ता है। पिछले कुछ वर्षों में हम इस रिश्ते को आर्थिक साझेदारी में बदलने की दिशा में काम कर रहे हैं।”
👉 पीएम मोदी के नेतृत्व की सराहना
ज्योति जीतुन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की तारीफ करते हुए कहा कि भारत में हो रहा आर्थिक विकास केवल शब्दों में नहीं, बल्कि धरातल पर नजर आता है।
उन्होंने कहा,
“विकसित भारत अभियान एक अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना है। यह केवल कागजों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि प्रभावी क्रियान्वयन के साथ चल रहा है और यह मजबूत नेतृत्व के बिना संभव नहीं है।”
👉 भारत का निवेश और सहयोग
ज्योति जीतुन ने बताया कि मॉरीशस फिनटेक, आईटी, स्वास्थ्य सेवा, स्वास्थ्य विज्ञान, समुद्री अर्थव्यवस्था और अक्षय ऊर्जा जैसे नए क्षेत्रों में विकास कर रहा है। इन सभी क्षेत्रों में भारत ने बड़ा निवेश किया है, जिससे द्विपक्षीय सहयोग को मजबूती मिली है।
👉 पीएम मोदी की मॉरीशस यात्रा का जिक्र
इस साल की शुरुआत में स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पीएम मोदी की मॉरीशस यात्रा पर जीतुन ने कहा,
“यह हमारे लिए बेहद गर्व की बात थी। नई सरकार के गठन के बाद हमारे देश आने वाले वे पहले राष्ट्राध्यक्ष थे। हमें उम्मीद है कि जल्द ही हमारे प्रधानमंत्री भी भारत का दौरा करेंगे।”
👉 निष्कर्ष
भारत और मॉरीशस के बीच रिश्ते अब केवल सांस्कृतिक स्तर पर ही नहीं, बल्कि आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी में भी बदल रहे हैं।
दोनों देशों का लक्ष्य है कि साझा इतिहास और संस्कृति की इस डोर को आगे बढ़ाते हुए भविष्य की आर्थिक चुनौतियों का सामना मिलकर किया जाए।