अयोध्या: 25 नवंबर को एक और ऐतिहासिक पल की गवाह बनेगी। राम मंदिर ध्वजारोहण समारोह का आयोजन भव्य स्वरूप में किया जाएगा, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि होंगी। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत सहित कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहेंगी।
केवल ध्वजारोहण नहीं, सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक
मंगलवार देर शाम तीर्थ क्षेत्र भवन में हुई बैठक में राम मंदिर ट्रस्ट, संघ और विहिप के पदाधिकारियों ने निर्णय लिया कि यह समारोह केवल ध्वजारोहण तक सीमित नहीं रहेगा।
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इसका उद्देश्य राष्ट्र की सांस्कृतिक चेतना, समरसता और संगठन की शक्ति को प्रदर्शित करना होगा।
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समारोह का शुभारंभ 25 नवंबर को अभिजित मुहूर्त में सुबह 11 बजे से ध्वज पूजन के साथ होगा।
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राम मंदिर सहित परिसर के सभी उप मंदिरों के शिखरों पर धर्म ध्वजा फहराई जाएगी।
तीन घंटे का भव्य आयोजन
करीब तीन घंटे तक चलने वाले इस समारोह में पूर्वी उत्तर प्रदेश के 49 जिलों से लगभग आठ हजार मेहमान शामिल होंगे।
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इनमें से 3000 अतिथि अयोध्या जिले से होंगे।
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अब तक 2200 स्थानीय मेहमानों की सूची तैयार हो चुकी है।
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कार्यक्रम स्थल पर 8200 कुर्सियां लगाने की तैयारी की गई है।
अयोध्या में विशेष माहौल
अयोध्या वासियों के लिए यह आयोजन आस्था और गौरव का प्रतीक होगा। मंदिर परिसर को सजाने की विशेष तैयारियां चल रही हैं।
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टेंट, मंच और बैठने की व्यवस्था तय की जा चुकी है।
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राम मंदिर ट्रस्ट ने इसे ऐतिहासिक और अद्वितीय आयोजन बनाने का संकल्प लिया है।
निष्कर्ष:
राम मंदिर ध्वजारोहण समारोह सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक धरोहर और समरसता की जीवंत तस्वीर होगा। 25 नवंबर को पूरा देश और दुनिया अयोध्या से उठने वाले इस अद्भुत संदेश की गवाह बनेगी।