लखनऊ: कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के खिलाफ केस लड़ रहे बीजेपी नेता एस. विग्नेश शिशिर को इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ खंडपीठ) ने सुरक्षा देने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि शिशिर को तुरंत एक पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) मुहैया कराया जाए। साथ ही कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से Y+ श्रेणी सुरक्षा की मांग पर रिपोर्ट पेश करने को भी कहा है।
जान का खतरा बताकर की थी सुरक्षा की मांग
बीजेपी नेता शिशिर ने कोर्ट में याचिका दायर करते हुए कहा कि वे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के खिलाफ केस लड़ रहे हैं। इस वजह से उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने अदालत से Y+ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान करने की मांग की थी।
हाईकोर्ट ने मांगी सरकार से रिपोर्ट
हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। अदालत ने यह स्पष्ट किया कि जब तक इस पर अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक शिशिर को कम से कम PSO की सुरक्षा दी जाए।
BJP नेता ने जताई राहत
फैसले के बाद बीजेपी नेता एस. विग्नेश शिशिर ने कहा कि कोर्ट के आदेश से उन्हें राहत मिली है। उन्होंने कहा कि वे लोकतंत्र और न्याय की रक्षा के लिए लड़ाई जारी रखेंगे, चाहे उन्हें कितनी भी चुनौतियों का सामना क्यों न करना पड़े।
Y+ सुरक्षा का मतलब क्या है?
भारत में VVIP और VIP सुरक्षा अलग-अलग श्रेणियों में दी जाती है। Y+ श्रेणी में लगभग 11 सुरक्षाकर्मी होते हैं, जिनमें कमांडो और पुलिसकर्मी शामिल रहते हैं। यह सुरक्षा उन लोगों को दी जाती है जिन्हें गंभीर स्तर का खतरा माना जाता है।
✅ निष्कर्ष:
लखनऊ हाईकोर्ट का यह आदेश उन मामलों की गंभीरता को दिखाता है जिनमें राजनीतिक हस्तियों से जुड़े मुकदमों की पैरवी करने वाले वकील या नेता खुद खतरे में रहते हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि यूपी सरकार शिशिर को Y+ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान करती है या नहीं।