कोलकाता/नदिया। पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा पर बीएसएफ जवानों पर बांग्लादेशी तस्करों ने घातक हमला कर दिया। दक्षिण बंगाल सीमांत की 32वीं वाहिनी की सीमाचौकी मतियारी पर शनिवार देर रात हुई इस घटना में जवानों ने अदम्य साहस और संयम का परिचय देते हुए तस्करी की कोशिश को नाकाम कर दिया।
संदिग्ध गतिविधि देख जवानों ने दी चेतावनी
बीएसएफ के मुताबिक, रात में लगभग 6–7 संदिग्ध लोग कंटीली तार के पास नजर आए। उनके हाथों में प्लास्टिक के पैकेट थे, जिन्हें वे सीमा पार फेंकने की कोशिश कर रहे थे। जवानों ने तुरंत उन्हें रुकने की चेतावनी दी।
लेकिन चेतावनी को अनसुना करते हुए तस्कर लोहे के दा और तेज धारदार हथियारों से लैस होकर बीएसएफ टीम की ओर बढ़ने लगे।
आत्मरक्षा में चलाई गोलियां, एक तस्कर ढेर
स्थिति बेकाबू होती देख जवानों ने पहले हवा में फायर किया, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। जब हथियारबंद तस्कर जवानों के बेहद करीब आ गए, तब मजबूरन आत्मरक्षा में फायरिंग की गई।
फायरिंग में एक बांग्लादेशी तस्कर घायल होकर गिर पड़ा, जबकि बाकी आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर बांग्लादेश की ओर भाग निकले।
घायल युवक को तुरंत कृष्णगंज अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान अभी की जा रही है। पुलिस को मामले की सूचना दे दी गई है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
मौके से हथियार और तस्करी का सामान बरामद
घटनास्थल से बीएसएफ ने बड़ी मात्रा में अवैध सामान जब्त किया, जिसमें शामिल हैं—
- 96 फेंसेडिल की बोतलें
- 2 विदेशी शराब की बोतलें
- 4 तेज धारदार हथियार
- 1 कटर
ये सभी सामान बांग्लादेश में तस्करी के लिए भेजा जा रहा था।
बीएसएफ: “पहले समझाया, पर तस्कर आक्रामक हुए”
दक्षिण बंगाल फ्रंटियर के डीआईजी नीलोत्पल पांडे ने बताया कि जवानों ने लगातार संयम बरता।
उन्होंने कहा—
“जवानों ने पहले चेतावनी दी, फिर हवा में गोली चलाई। लेकिन तस्कर न सिर्फ रुके नहीं, बल्कि आक्रामक हो गए और हथियार लेकर जवानों पर हमला करने लगे। ऐसी स्थिति में आत्मरक्षा में फायर करना मजबूरी था।”
घटना की विस्तृत रिपोर्ट बीएसएफ के शीर्ष अधिकारियों को भेज दी गई है और मामले की जांच जारी है।


