आगरा। आगरा में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसमें एक मां ने अपनी 1 महीने की बच्ची को सड़क पर फेंक दिया। बच्ची के रोने की आवाज सुनकर आसपास की भीड़ जमा हो गई और उसे आवारा कुत्तों ने घेर लिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को सुरक्षित किया गया।
घटना का विवरण
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसा शनिवार सुबह 10 बजे हुआ। नवजात बच्ची को गीतांजलि हॉस्पिटल के पास सड़क किनारे छोड़ दिया गया। इतनी ठंड और जोखिम के बीच बच्ची सड़क पर तड़प रही थी।
स्थानीय लोग बबीता, गुड़िया और चाय विक्रेता रमेश चंद ने कुत्तों को भगाकर मासूम की जान बचाई। बच्ची के शरीर पर जख्मों के निशान भी दिखाई दिए।
सीसीटीवी फुटेज में एक नकाबपोश महिला बच्ची को छोड़ते हुए दिखाई दी। घरवालों का कहना है कि यह महिला बच्ची की मां ही है।
बुआ ने बच्ची की कस्टडी ली
घटना के तुरंत बाद बच्ची की बुआ सोना मौके पर पहुंची और जख्मी हालत में बच्ची को अपनी गोद में लिया। बुआ और फूफा देवेंद्र ठाकुर ने कहा कि अब वे बच्ची को किसी को नहीं देंगे और आरोपी मां के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराएंगे।
बुआ ने कहा,
“अगर बच्ची के साथ कोई अनहोनी होती, तो इसका जिम्मेदार कौन होता। अब मैं इसे किसी को नहीं दूंगी।”
पुलिस जांच
थाना ट्रांस यमुना के थाना अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि शाहदरा चौकी इंचार्ज जितेंद्र सिंह और अरविंद कुमार ने घटनास्थल पर जाकर सीसीटीवी फुटेज खंगाली। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि नकाबपोश महिला ने जानबूझकर बच्ची को सड़क पर छोड़ दिया। बच्ची को फिलहाल बुआ के सुपुर्द कर दिया गया है और आरोपी मां की तलाश की जा रही है। शिकायत मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आगरा में हुई यह घटना नवजात बच्चों की सुरक्षा और पारिवारिक जिम्मेदारी की गंभीर चेतावनी है। समय पर बुआ और स्थानीय लोगों की मदद से बच्ची की जान बचाई गई, लेकिन यह मामला सामाजिक और कानूनी जिम्मेदारी की अहमियत को उजागर करता है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और आरोपी मां की पहचान अब मुख्य चुनौती बनी हुई है।


