नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र 2025 की शुरुआत के साथ ही देश के सबसे चर्चित रक्षा अभियान “ऑपरेशन सिंदूर” पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। केंद्र सरकार ने इस मुद्दे पर लोकसभा में 16 घंटे और राज्यसभा में 9 घंटे तक चर्चा की मंजूरी दे दी है। यह बहस आने वाले दिनों में दोनों सदनों में होगी, हालांकि तारीख अभी तय नहीं है।
पहले दिन विपक्ष का हंगामा, बार-बार स्थगित हुआ सदन
सत्र के पहले दिन संसद में पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर विपक्ष के हंगामे ने कार्यवाही को बार-बार बाधित किया। लोकसभा को 4 बार स्थगित करना पड़ा और अंत में उसे मंगलवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दिया गया। राज्यसभा में भी भारी शोर-शराबा देखने को मिला।
खड़गे का तीखा सवाल: “आतंकी न मरे, न पकड़े गए”
राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार से सीधा सवाल करते हुए कहा:
“पहलगाम हमले के आतंकी अब तक न पकड़े गए, न मारे गए। जम्मू-कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर खुद मान चुके हैं कि इंटेलिजेंस फेलियर हुआ। सरकार इस पर कब जवाब देगी?”
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प 24 बार कह चुके हैं कि भारत-पाक संघर्ष में उन्होंने सीजफायर करवाया। यह भी संसद में स्पष्ट होना चाहिए।
जेपी नड्डा का जवाब: “हर बिंदु पर चर्चा को तैयार”
इस पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार किसी भी चर्चा से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा:
“देश को यह संदेश नहीं जाना चाहिए कि सरकार जवाब नहीं देना चाहती। हम पहलगाम और ऑपरेशन सिंदूर – दोनों पर चर्चा को तैयार हैं। सभी प्वाइंट्स जनता के सामने रखे जाएंगे।”
I.N.D.I.A. गठबंधन की रणनीति: बहस से पहले की तैयारी
सत्र शुरू होने से पहले ही I.N.D.I.A. गठबंधन ने इन मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार कर ली थी। इसमें भारत-पाक संघर्ष विराम, ऑपरेशन सिंदूर, ट्रम्प के बयान, और बिहार वोटर लिस्ट जैसे मुद्दे शामिल हैं। विपक्ष चाहता है कि प्रधानमंत्री खुद इन पर संसद में बयान दें।
संसद सत्र का शेड्यूल: 32 दिन, 18 बैठकें, 15+ बिल
इस बार मानसून सत्र 21 जुलाई से 21 अगस्त तक 32 दिन चलेगा, जिसमें 18 बैठकें और 15 से अधिक विधेयकों को पेश किया जाएगा। स्वतंत्रता दिवस समारोह के चलते 13 और 14 अगस्त को अवकाश रहेगा।
प्रमुख विधेयकों में शामिल हैं:
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मणिपुर GST संशोधन बिल 2025
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नया इनकम टैक्स बिल (जो 1961 एक्ट की जगह लेगा)
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नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल
महाभियोग प्रस्ताव: जस्टिस यशवंत वर्मा पर विपक्षी हमला
लोकसभा के 145 और राज्यसभा के 63 सांसदों ने जस्टिस यशवंत वर्मा को हटाने की मांग को लेकर महाभियोग प्रस्ताव दायर किया है। आरोप है कि उनके खिलाफ नकदी बरामदगी और पक्षपाती फैसलों के गंभीर आरोप लगे हैं। इसमें राहुल गांधी, अनुराग ठाकुर, रविशंकर प्रसाद, और सुप्रिया सुले जैसे नाम शामिल हैं।
कंगना रनोट की टिप्पणी: “विपक्ष नहीं चाहता संसद चले”
लोकसभा सांसद कंगना रनोट ने हंगामे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा:
“विपक्ष संसद को ठप करना चाहता है, लेकिन जनता सब देख रही है।”
निष्कर्ष:
ऑपरेशन सिंदूर अब सिर्फ एक सैन्य अभियान नहीं, बल्कि संसद के मानसून सत्र का सबसे संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा बन गया है। जहां एक ओर सरकार इसे अपनी रणनीतिक सफलता मान रही है, वहीं विपक्ष जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग कर रहा है। यह बहस केवल संसद नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा और लोकतांत्रिक व्यवस्था के भविष्य के लिए भी अहम मानी जा रही है।


