इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत के खिलाफ एक बार फिर तीखा और भड़काऊ बयान दिया है। बुधवार को खैबर पख्तूनख्वा (केपी) स्थित हरिपुर यूनिवर्सिटी में संबोधन के दौरान उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तानी सेना ने भारत को ऐसा सबक सिखाया है, जिसे वह दिल्ली से मुंबई तक कभी नहीं भूल पाएगा।
शहबाज शरीफ ने कहा कि यह तथाकथित “जीत” पाकिस्तान की सेना को देश की जनता की दुआओं से मिली है। उन्होंने भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि भारत ने पाकिस्तान पर बिना उकसावे के सैन्य कार्रवाई की, जिसका जवाब पाकिस्तान ने मजबूती से दिया।
6 भारतीय लड़ाकू विमान गिराने का दावा, 3 राफेल शामिल
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने दावा किया कि 87 घंटे तक चले सैन्य संघर्ष के दौरान पाकिस्तान ने भारत के 6 लड़ाकू विमान गिराए, जिनमें 3 राफेल फाइटर जेट शामिल थे। इसके अलावा उन्होंने कई भारतीय ड्रोन मार गिराने का भी दावा किया। हालांकि भारत की ओर से इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
शहबाज बोले- पहलगाम हमले का पाकिस्तान पर झूठा आरोप
शहबाज शरीफ ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर भी भारत पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि 22 अप्रैल को हुए इस हमले का झूठा इल्जाम पाकिस्तान पर लगाया गया, जिसके बाद भारत ने सैन्य कार्रवाई की।
गौरतलब है कि 22 अप्रैल को पहलगाम की बायसरन घाटी में हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की मौत हुई थी। भारतीय जांच एजेंसियों के अनुसार, इस हमले के तार पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों से जुड़े थे।
UN में पहले भी कर चुके हैं ऐसे दावे
यह पहली बार नहीं है जब शहबाज शरीफ ने इस तरह के दावे किए हों। इससे पहले सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा में उन्होंने दावा किया था कि पाकिस्तान ने भारत के 7 लड़ाकू विमान गिराए थे। उस भाषण में भी उन्होंने भारत को दुश्मन बताते हुए पाकिस्तान की सैन्य ताकत का बखान किया था।
शहबाज ने यह भी कहा कि उन्होंने पहलगाम हमले की निष्पक्ष अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की थी, जिसे भारत ने ठुकरा दिया। उन्होंने भारत के हिंदुत्व विचारधारा को दुनिया के लिए खतरा बताया।
भारत की कड़ी प्रतिक्रिया: पाकिस्तान को बताया आतंकवाद का केंद्र
शहबाज के बयान ऐसे समय आए हैं जब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत ने पाकिस्तान को कड़ी फटकार लगाई है।
UN में भारत के राजदूत हरिश पर्वतनेनी ने कहा कि पाकिस्तान की अंदरूनी राजनीतिक अस्थिरता और सीमा-पार आतंकवाद के बीच सीधा संबंध है।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में लोकतंत्र को कमजोर किया गया है, पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को जेल में डाला गया, उनकी पार्टी पर रोक लगी और सेना ने संविधान को अपने मुताबिक मोड़ दिया। भारत ने इसे “संवैधानिक तख्तापलट” करार दिया।
कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा: भारत
राजदूत पर्वतनेनी ने दो टूक कहा कि
“जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से थे, हैं और हमेशा रहेंगे।”
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का बार-बार कश्मीर का जिक्र करना उसकी खतरनाक और भारत-विरोधी सोच को उजागर करता है।
ऑपरेशन सिंदूर: भारत की जवाबी कार्रवाई
भारत ने 7 मई की रात डेढ़ बजे पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकियों के 9 ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की थी, जिसे ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया गया।
भारतीय सेना के मुताबिक, इस कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकी मारे गए थे।
इन ठिकानों में
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लश्कर-ए-तैयबा का हेडक्वॉर्टर
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जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर के ठिकाने
शामिल थे।
PAK के एयरबेस पर भी भारतीय हमले
9 और 10 मई की रात भारत-पाकिस्तान के बीच सबसे बड़ा सैन्य टकराव हुआ।
भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के
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नूर खान एयरबेस
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सरगोधा
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मुरीद
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रहीमयार खान
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जैकोबाबाद
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भोलारी
और कराची के पास के एयरबेस को निशाना बनाया।
इन हमलों में पाकिस्तान के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (C2) तबाह कर दिए गए थे। सैटेलाइट तस्वीरें भी सामने आईं, जिन्हें अमेरिकी कंपनी Maxar ने जारी किया।
शहबाज शरीफ का यह बयान भारत-पाकिस्तान के बीच पहले से मौजूद तनाव को और भड़काने वाला माना जा रहा है। जहां पाकिस्तान अपनी तथाकथित सैन्य “जीत” का दावा कर रहा है, वहीं भारत ने साफ कर दिया है कि वह आतंकवाद और झूठे दावों के आगे झुकने वाला नहीं है। आने वाले दिनों में इस बयानबाजी का असर अंतरराष्ट्रीय मंचों और द्विपक्षीय रिश्तों पर और गहरा पड़ सकता है।


