नई दिल्ली। भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी VB-जी राम जी बिल, 2025 पर लोकसभा में बुधवार और गुरुवार को करीब 14 घंटे लंबी बहस हुई। इस दौरान 50 से अधिक सांसदों ने चर्चा में हिस्सा लिया। बहस के दौरान नया ग्रामीण रोजगार बिल, मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने, और योजनाओं के नामकरण को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
शिवराज सिंह चौहान का पलटवार: 415 योजनाओं के नाम गिनाए
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि नाम बदलने को लेकर भाजपा पर “सनक” का आरोप लगाना गलत है। उन्होंने कहा कि असली सनक कांग्रेस सरकारों की रही है, जिन्होंने बड़ी संख्या में योजनाओं और संस्थानों का नाम नेहरू-गांधी परिवार के नाम पर रखा।
शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा में एक-एक कर 415 योजनाओं, संस्थानों और स्थानों की सूची गिनाई, जिनमें शामिल हैं—
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राज्य सरकार की योजनाएं:
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राजीव गांधी के नाम पर 25
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इंदिरा गांधी के नाम पर 27
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विश्वविद्यालय:
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राजीव गांधी के नाम पर 55
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इंदिरा गांधी के नाम पर 21
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जवाहरलाल नेहरू के नाम पर 22
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खेल ट्रॉफी और टूर्नामेंट:
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राजीव गांधी के नाम पर 23
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इंदिरा गांधी के नाम पर 4
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नेहरू के नाम पर 2
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सड़कें, इमारतें और स्थान: 74
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अवार्ड: 51
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संस्थान और फेस्टिवल: 37
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चिकित्सा संस्थान और अस्पताल: 39
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स्कॉलरशिप: 15
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नेशनल पार्क: 15
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एयरपोर्ट और बंदरगाह: 5
शिवराज ने कहा कि कांग्रेस ने महात्मा गांधी के नाम पर नहीं, बल्कि नेहरू-गांधी परिवार के नाम पर योजनाओं की बाढ़ ला दी।
बीजेपी सांसद अजय भट्ट का बयान सुर्खियों में
VB-जी राम जी बिल पर चर्चा के दौरान उत्तराखंड के नैनीताल-उधम सिंह नगर से भाजपा सांसद अजय भट्ट का बयान भी खासा चर्चा में रहा। उन्होंने कहा—
“अगर लड़की की शादी नहीं हो रही हो, नौकरी नहीं लग रही हो, पति-पत्नी में अनबन हो, लड़का बिगड़ गया हो या गाय दूध नहीं दे रही हो, तो जय श्री राम बोल दीजिए, काम निकल जाएगा।”
इस बयान के बाद सदन के भीतर और बाहर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गईं।
कांग्रेस सांसद संजना जाटव ने पढ़ी मनरेगा पर कविता
बुधवार को बहस के दौरान कांग्रेस सांसद संजना जाटव ने मनरेगा के समर्थन में कविता पढ़ी। कविता में गांव, मजदूर और रोजगार की चिंता को सामने रखा गया—
“गांव की मिट्टी ने पूछा संसद के इस दरबार में,
क्या फिर से लौटेगा ठेकेदार मजदूर के संसार में।
मनरेगा था तो भूख भी डर कर भाग गई,
अब कौन देगा काम जब खेत सूखे हर साल में।”
देवेंद्र चंदौलिया और निशिकांत दुबे के तीखे बयान
दिल्ली नॉर्थ-वेस्ट से भाजपा सांसद देवेंद्र चंदौलिया ने कहा—
“राम नाम नहीं रखेंगे तो क्या अल्लाह का नाम रखेंगे।
इंदिरा गांधी की शादी फिरोज गांधी से हुई थी, तो उनका नाम इंदिरा खान हो जाना चाहिए था।”
वहीं झारखंड के गोड्डा से सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा—
“आप गांधी को मारने की बात करते हैं, लेकिन आपने गांधी को कई बार मारा है—
देश के बंटवारे में, तिब्बत चीन को देने में, कश्मीर के फैसलों में और शाहबानो केस में।”
VB-जी राम जी बिल पर हुई बहस सिर्फ रोजगार योजना तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह मनरेगा, महात्मा गांधी, नेहरू-गांधी परिवार और नामकरण की राजनीति तक पहुंच गई। सत्ता पक्ष ने इसे विकास और रोजगार की गारंटी बताया, जबकि विपक्ष ने इसे मनरेगा की पहचान मिटाने की कोशिश करार दिया। सांसदों के तीखे और विवादित बयानों ने इस बहस को संसद की सबसे चर्चित चर्चाओं में शामिल कर दिया।


