नई दिल्ली | संसद के मानसून सत्र का दूसरा सप्ताह आज से तीखी बहसों के साथ शुरू हो रहा है। पहले सप्ताह में भारी हंगामे की भेंट चढ़ी कार्यवाही के बाद अब सोमवार को लोकसभा और मंगलवार को राज्यसभा में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और ‘पहलगाम आतंकी हमला’ जैसे संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा होगी। सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ने कमर कस ली है और राजनीतिक तापमान चरम पर है।
???? थरूर पर सबकी निगाहें: क्या कांग्रेस देगी बोलने का मौका?
इस बहस में कांग्रेस सांसद डॉ. शशि थरूर की भूमिका को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा जोरों पर है। थरूर ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत की ओर से अमेरिका और अन्य देशों में राजनयिक वार्ताओं का नेतृत्व किया था। ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि क्या कांग्रेस उन्हें इस गंभीर चर्चा में बोलने का मंच देगी?
????️ सरकार की ओर से तीन बड़े चेहरे रखेंगे पक्ष
सूत्रों के अनुसार, चर्चा के दौरान सरकार की ओर से गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर सदन को संबोधित कर सकते हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी दोनों सदनों में इस विषय पर बयान दे सकते हैं।
⚔️ विपक्ष हमलावर मुद्रा में: राहुल गांधी, खरगे और अखिलेश यादव होंगे शामिल
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खरगे, सपा प्रमुख अखिलेश यादव और अन्य वरिष्ठ विपक्षी नेता बहस में भाग लेंगे। विपक्ष का आरोप है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत को वैश्विक समर्थन नहीं मिला और सुरक्षा एजेंसियों ने पहलगाम हमले को रोकने में चूक की।
???? ट्रंप के विवादित दावे पर नया विवाद
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को लेकर विपक्ष सरकार को घेर सकता है, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने भारत-पाक युद्ध रोकने के लिए व्यापारिक दबाव बनाया था। हालांकि भारत सरकार पहले ही इसे खारिज कर चुकी है, लेकिन यह मुद्दा संसद में गर्मा सकता है।
???? पहले सप्ताह का हाल: हंगामे से नहीं चल सकी कार्यवाही
संसद के मानसून सत्र का पहला सप्ताह पूरी तरह से विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ गया। विपक्ष लगातार पहलगाम आतंकी हमला, ऑपरेशन सिंदूर, और बिहार की वोटर लिस्ट में बदलाव (SIR) को लेकर चर्चा की मांग करता रहा। कार्यवाही बार-बार स्थगित हुई।
???? सरकार की रणनीति: जवाब के साथ जवाबी हमला
सरकार विपक्ष के आरोपों को बेबुनियाद बता रही है। सत्तापक्ष का कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर भारत की रणनीतिक सफलता का प्रतीक था और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की स्थिति पहले से अधिक मजबूत हुई है। साथ ही पहलगाम हमले को लेकर भी सुरक्षा एजेंसियों ने तेजी से कार्रवाई की।
???? निष्कर्ष: संसद में दो दिन रहेंगे बेहद अहम
लोकसभा में सोमवार और राज्यसभा में मंगलवार को होने वाली यह चर्चा सिर्फ राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप नहीं बल्कि भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और कूटनीति का व्यापक मूल्यांकन साबित हो सकती है। चर्चा के केंद्र में जहां थरूर और राहुल गांधी जैसे चेहरे होंगे, वहीं सरकार भी फुल डिफेंस मोड में तैयार दिखाई दे रही है।


