लखनऊ। नैनीताल स्थित ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी की BCA छात्रा वासवी सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के विरोध में लखनऊ की सड़कों पर जनसैलाब उमड़ पड़ा। रविवार शाम आईटी चौराहे से परिवर्तन चौक तक हजारों लोगों ने बारिश के बीच कैंडल मार्च निकालकर छात्रा की मौत को हत्या बताते हुए न्याय की गुहार लगाई।
मार्च में छात्रों, समाजसेवियों, महिला संगठनों और वासवी के परिजनों ने हिस्सा लिया। भीगते हुए, हाथों में मोमबत्तियां और पोस्टर लिए लोग बार-बार एक ही सवाल पूछते रहे — “वासवी की गलती क्या थी?”
क्या है पूरा मामला?
वासवी सिंह मूल रूप से लखनऊ की रहने वाली थीं और हाल ही में ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, नैनीताल में BCA के प्रथम वर्ष में दाखिला लिया था। कुछ दिनों पहले उसकी संदिग्ध हालात में मौत हो गई। पुलिस की शुरुआती रिपोर्ट में इसे आत्महत्या करार दिया गया, लेकिन परिजन और मित्रों का दावा है कि वासवी को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और यह एक पूर्व-नियोजित हत्या है।
“इंसाफ दो वासवी को” – नारे गूंजे लखनऊ की सड़कों पर
कैंडल मार्च के दौरान ‘वासवी को इंसाफ दो’, ‘हमारी बहन की हत्या क्यों?’ और ‘Silent No More’ जैसे नारों से लखनऊ की सड़कें गूंज उठीं। छात्राओं ने कहा कि यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के नाम पर डर और दबाव का माहौल बनाया जा रहा है, जो मानसिक रूप से छात्रों को तोड़ रहा है।
वासवी की मां बोलीं – “मेरी बेटी आत्महत्या नहीं कर सकती”
वासवी की मां ने प्रेस से बात करते हुए कहा, “मेरी बेटी पढ़ाई में तेज थी, बहुत खुश रहती थी। उसने मुझसे आखिरी बार फोन पर कहा था कि कुछ लोग उसे परेशान कर रहे हैं। मैं चाहती हूं कि उसकी मौत की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को सज़ा मिले।”
प्रशासन पर उठे सवाल
जनता का आरोप है कि मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने नैनीताल पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और CBI जांच की मांग की है। कुछ ने कहा कि यह केवल वासवी का नहीं, बल्कि हर बेटी की सुरक्षा का मामला है।
निष्कर्ष:
वासवी सिंह की मौत ने न केवल उसके परिवार, बल्कि समाज में एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है — क्या हमारे शिक्षण संस्थान छात्रों के लिए सुरक्षित हैं? लखनऊ में हुआ कैंडल मार्च एक प्रतीक बन गया है उस जनचेतना का जो अब चुप नहीं बैठने वाली। देश मांग कर रहा है – वासवी को न्याय दो।


