लखनऊ। लंबे समय से चल रही खींचतान और तारीखों के लगातार टलने के बाद लखनऊ नगर निगम कार्यकारिणी के चुनाव की तारीख आखिरकार घोषित कर दी गई है। रविवार, 17 अगस्त 2025 को यह चुनाव संपन्न होगा। कुल 12 सदस्यीय कार्यकारिणी में से 6 सदस्य गत 1 जून को रिटायर हो चुके हैं, जिनकी जगह अब नए पार्षद चुने जाएंगे।
भाजपा और महापौर में 72 दिन बाद बनी सहमति
इस चुनाव में देरी का कारण भाजपा महानगर संगठन और महापौर के बीच चल रही मतभेद की स्थिति थी। पार्टी संगठन के कुछ नेताओं और मेयर के बीच पार्षदों के चयन को लेकर गतिरोध बना हुआ था। 72 दिन की इस खींचतान के बाद आखिरकार दोनों पक्षों में सहमति बनी और चुनाव की तारीख तय कर दी गई।
मेयर के करीबी पार्षदों को मिल सकती है जगह
सूत्रों के अनुसार, इस बार कार्यकारिणी में मेयर के करीबी पार्षदों को प्राथमिकता दिए जाने की संभावना है। भाजपा संगठन ने भी इस पर अपनी सहमति दे दी है, हालांकि अंतिम फैसला मतदान के बाद ही साफ होगा।
चुनाव प्रक्रिया और राजनीतिक महत्व
लखनऊ नगर निगम की कार्यकारिणी न केवल नीतिगत फैसले लेने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, बल्कि नगर निगम के बजट और विकास योजनाओं को भी दिशा देती है। ऐसे में इस चुनाव के नतीजे आने वाले समय में लखनऊ की राजनीति और विकास की दिशा तय करेंगे।
पृष्ठभूमि: क्यों टलते रहे चुनाव
गत 1 जून को 6 सदस्यों के रिटायर होने के बाद नियमों के अनुसार तुरंत चुनाव होने चाहिए थे, लेकिन भाजपा के आंतरिक मतभेद के चलते चुनाव तारीखें तय नहीं हो पा रही थीं। विपक्ष ने इसे जनता से जुड़ी योजनाओं में देरी का कारण बताते हुए लगातार आलोचना की।
निष्कर्ष:
17 अगस्त को होने वाला यह चुनाव न केवल नगर निगम की दिशा तय करेगा, बल्कि मेयर और भाजपा संगठन के रिश्तों में आई खटास को भी दूर करने का संकेत देगा। अब सबकी नजर इस बात पर है कि कार्यकारिणी में किसे जगह मिलती है और भविष्य में यह टीम लखनऊ के विकास को कैसे आगे बढ़ाती है।


