इस्लामाबाद। पाकिस्तान में गाजा में ट्रम्प के पीस प्लान का समर्थन करने को लेकर तनाव बढ़ गया है। कट्टरपंथी इस्लामी पार्टी तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) के समर्थकों ने शुक्रवार को प्रदर्शन किया और अमेरिकी दूतावास की तरफ मार्च करने की कोशिश की।
झड़प और हिंसा
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर ईंट-पत्थर से हमला किया। जवाब में पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। इस झड़प में 2 प्रदर्शनकारी मारे गए और कई लोग घायल हुए, जिसमें पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।
TLP नेताओं की गिरफ्तारी प्रयास
घटना की शुरुआत तब हुई, जब गुरुवार देर रात पंजाब पुलिस ने TLP मुख्यालय पर छापा मारकर इसके नेता साद रिजवी को गिरफ्तार करने की कोशिश की। हालांकि साद रिजवी मौके से भाग गए, लेकिन पुलिस और समर्थकों के बीच झड़पें हुईं।
सरकारी कदम और सुरक्षा उपाय
- इस्लामाबाद और रावलपिंडी में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं।
- रावलपिंडी जिला प्रशासन ने 11 अक्टूबर तक धारा 144 लागू की, जिसके तहत कोई भी प्रदर्शन, रैली, धरना या लाउडस्पीकर का उपयोग प्रतिबंधित है।
- शहर की प्रमुख सड़कें बंद कर दी गई हैं और सरकारी दफ्तरों व विदेशी दूतावासों वाले रेड जोन को सील किया गया।
- पूरे पंजाब में 10 दिनों के लिए धारा 144 लागू है, जिसमें चार या अधिक लोगों के जमा होने और हथियार दिखाने पर रोक है।
TLP का इतिहास
TLP की स्थापना 2017 में खादिम हुसैन रिजवी ने की थी। वे पंजाब के धार्मिक विभाग में कार्यरत थे, लेकिन 2011 में सलमान तासीर की हत्या करने वाले मुमताज कादरी का समर्थन करने पर नौकरी से निकाल दिए गए। 2016 में कादरी को सजा होने पर TLP ने देशव्यापी प्रदर्शन शुरू किए। खादिम हुसैन की मृत्यु के बाद 2023 में उनका बेटा साद रिजवी संगठन संभाल रहा है।


