लॉस एंजिल्स: अमेरिका के लॉस एंजिल्स में शनिवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां पुलिस ने एक सिख युवक गुरप्रीत सिंह को गोलियों से छलनी कर दिया। मामला डाउनटाउन लॉस एंजिल्स के प्रतिष्ठित क्रिप्टो डॉट कॉम एरिना के पास का है। युवक सड़क पर धारदार हथियार लहराकर लोगों को धमका रहा था।
पुलिस ने कई बार दी चेतावनी
लॉस एंजिल्स पुलिस डिपार्टमेंट (LAPD) के मुताबिक—
- गुरप्रीत सिंह राहगीरों को चाकू जैसी धारदार वस्तु दिखाकर डराने की कोशिश कर रहा था।
- मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे बार-बार हथियार छोड़ने और सरेंडर करने के लिए कहा।
- लेकिन चेतावनी के बावजूद वह नहीं माना और हथियार लहराता रहा।
इसी दौरान स्थिति बेकाबू हो गई और पुलिस ने फायरिंग कर दी, जिसमें युवक मौके पर ढेर हो गया।
चश्मदीदों ने बताया खौफनाक मंजर
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गुरप्रीत सिंह लगातार आक्रामक तरीके से लोगों की ओर बढ़ रहा था। पुलिस द्वारा चेतावनी देने के बाद भी जब उसने हथियार नहीं छोड़ा, तब फायरिंग करनी पड़ी। गोली चलने के बाद इलाके में भगदड़ मच गई और कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा।
LAPD ने शुरू की जांच
- LAPD ने घटना के बाद जांच शुरू कर दी है।
- पुलिस का कहना है कि यह कदम आत्मरक्षा और सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया।
- फिलहाल इस बात की भी जांच की जा रही है कि युवक की मानसिक स्थिति कैसी थी और वह हथियार लेकर सड़क पर क्यों उतरा।
भारतीय समुदाय में गुस्सा और आक्रोश
इस घटना से अमेरिका में रह रहे भारतीय और पंजाबी सिख समुदाय में आक्रोश फैल गया है। उनका कहना है कि LAPD ने फायरिंग में अत्यधिक बल प्रयोग किया और युवक को काबू करने के लिए नॉन-लीथल (गैर-घातक) विकल्प भी इस्तेमाल किए जा सकते थे। कई सामाजिक संगठनों ने पारदर्शी जांच की मांग की है।
निष्कर्ष:
लॉस एंजिल्स में हुआ यह हादसा अमेरिका में पुलिस कार्रवाई की सख्ती और अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े करता है। फिलहाल LAPD की जांच रिपोर्ट का इंतजार है, जो यह तय करेगी कि क्या यह कार्रवाई न्यायसंगत थी या अत्यधिक बल प्रयोग का मामला।


