कोलकाता/नादिया: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बयानबाज़ी ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर बांग्लादेश से घुसपैठ रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया और कथित तौर पर उनके खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। बीजेपी ने उनकी इस टिप्पणी को ‘अप्रिय और घृणास्पद’ बताते हुए FIR दर्ज कराई है।
महुआ मोइत्रा का बयान
नादिया जिले में एक कार्यक्रम के दौरान महुआ मोइत्रा ने कहा कि केंद्र सरकार अपनी सीमा सुरक्षा की जिम्मेदारी से भाग रही है। उन्होंने आरोप लगाया:
“प्रधानमंत्री ने लालकिले से कहा कि घुसपैठ हो रही है और जनसांख्यिकी बदल रही है। उस समय गृह मंत्री सामने बैठकर बेशर्मी से ताली बजा रहे थे और मुस्कुरा रहे थे। भारतीय सीमाओं की रक्षा करने वाला कोई नहीं है।”
इसके बाद उन्होंने विवादित टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर सीमाओं की सुरक्षा नहीं हो रही, घुसपैठिए महिलाओं पर नजर डाल रहे हैं और लोगों की जमीन पर कब्जा कर रहे हैं, तो जिम्मेदारी सीधे गृह मंत्री की बनती है।
बीजेपी की प्रतिक्रिया
मोइत्रा के बयान पर बीजेपी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी नेताओं ने सवाल उठाया कि क्या यह तृणमूल कांग्रेस का आधिकारिक रुख है या महुआ मोइत्रा का व्यक्तिगत बयान। बीजेपी ने इसे ‘अप्रिय, शर्मनाक और देशविरोधी सोच का प्रतिबिंब’ बताते हुए पुलिस में FIR दर्ज कराई है।
बीजेपी ने कहा कि जब देश का गृह मंत्री और बीएसएफ सीमाओं की सुरक्षा में दिन-रात लगे हुए हैं, ऐसे समय में इस तरह के बयान न सिर्फ सैनिकों का मनोबल गिराते हैं बल्कि जनता को गुमराह करने का प्रयास भी हैं।
राजनीतिक असर
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह विवाद आगामी समय में बंगाल और केंद्र की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है।
- तृणमूल कांग्रेस इसे केंद्र सरकार की विफलता के रूप में पेश कर रही है।
- वहीं, बीजेपी इसे देश की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए TMC पर घुसपैठियों का संरक्षण करने का आरोप लगा रही है।
निष्कर्ष:
महुआ मोइत्रा के बयान ने एक बार फिर बंगाल की राजनीति में गरमाहट ला दी है। जहां बीजेपी ने इस मामले को गंभीर बताते हुए FIR दर्ज कराई है, वहीं तृणमूल कांग्रेस अपने रुख पर कायम है। आने वाले दिनों में यह विवाद घुसपैठ और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकार के बीच नई सियासी जंग छेड़ सकता है।


