उत्तर प्रदेश: में नवाचार और वेस्ट मैनेजमेंट को बढ़ावा देने की दिशा में एक अनोखी पहल सामने आई है। Rampur जिला प्रशासन ने बेकार हो चुकी सरकारी एंबुलेंस को नया जीवन देते हुए उन्हें मोबाइल दुकानों में बदल दिया है। इन मॉडिफाई की गई वैनशॉप को गरीब रेहड़ी-पटरी संचालकों को स्थायी रोजगार के लिए उपलब्ध कराया गया है।
यह पहल मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के वेस्ट मैनेजमेंट विजन को धरातल पर उतारने का एक उदाहरण मानी जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य है कि अनुपयोगी संसाधनों को फिर से उपयोग में लाकर रोजगार के नए अवसर पैदा किए जाएं।
खराब एंबुलेंस को मिला नया जीवन
रामपुर के जिलाधिकारी Ajay Kumar Dwivedi ने बताया कि जिले में कई सरकारी एंबुलेंस अपनी उम्र पूरी करने के बाद लंबे समय से निष्क्रिय खड़ी थीं। ये वाहन उपयोग में नहीं आ रहे थे और धीरे-धीरे कबाड़ बनते जा रहे थे।
इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने इन्हें बेकार छोड़ने के बजाय नए तरीके से उपयोग करने का निर्णय लिया। इसके तहत कुल 8 एंबुलेंस को तकनीकी रूप से मॉडिफाई कर आकर्षक मोबाइल दुकानों यानी वैनशॉप में बदल दिया गया।
इन वैनशॉप को गरीब रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों को दिया गया, ताकि उन्हें स्थायी और सुरक्षित स्थान पर अपना व्यवसाय करने का मौका मिल सके।

वेंडिंग जोन में मिली स्थायी जगह
नगर क्षेत्र में लंबे समय से सड़क किनारे लगने वाली रेहड़ियों और ठेलों के कारण अतिक्रमण और ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती थी। नगर पालिका द्वारा समय-समय पर इन्हें हटाने की कार्रवाई भी की जाती थी, जिससे छोटे व्यापारियों की रोजी-रोटी प्रभावित होती थी।
इसी समस्या के समाधान के लिए प्रशासन ने Pradhan Mantri Street Vendor’s AtmaNirbhar Nidhi (PM SVANidhi) योजना के तहत एक व्यवस्थित वेंडिंग जोन विकसित किया।
रामपुर नगर क्षेत्र के फोटो चुंगी के पास इस वेंडिंग जोन में इन 8 मॉडिफाई वैनशॉप को स्थापित किया गया है। यहां चिन्हित रेहड़ी-पटरी संचालकों को स्थायी रूप से दुकानें दी गई हैं।
इस पहल से जहां छोटे व्यापारियों को स्थायी रोजगार मिला है, वहीं शहर की यातायात व्यवस्था को भी व्यवस्थित बनाने में मदद मिल रही है।
छोटे बाजार के रूप में विकसित हो रहा क्षेत्र
वेंडिंग जोन में अब मोबाइल दुकानों के माध्यम से विभिन्न प्रकार के सामान बेचे जा रहे हैं। यहां कपड़े, फास्ट फूड, खाने-पीने की वस्तुएं, बच्चों के खिलौने और अन्य दैनिक उपयोग की चीजें उपलब्ध हैं।
स्थानीय लोगों के लिए यह स्थान एक छोटे बाजार के रूप में विकसित हो रहा है, जहां उन्हें एक ही जगह कई तरह की वस्तुएं आसानी से मिल जाती हैं।
जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने स्वयं इस वेंडिंग जोन का निरीक्षण किया और दुकानदारों से बातचीत कर उनके अनुभवों के बारे में जानकारी ली।

दुकानदारों ने जताया आभार
मोबाइल वैनशॉप प्राप्त करने वाले दुकानदारों ने प्रशासन की इस पहल के लिए आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि पहले उन्हें हर दिन अलग-अलग स्थानों पर दुकान लगानी पड़ती थी और कभी-कभी नगर पालिका की कार्रवाई के कारण उन्हें अपना सामान हटाना पड़ता था।
अब उन्हें एक सुरक्षित और स्थायी स्थान मिल गया है, जिससे उनका व्यवसाय स्थिर हो गया है और आय में भी सुधार होने की उम्मीद है।
आगे और वेंडिंग जोन बनाने की योजना
जिलाधिकारी ने बताया कि भविष्य में शहर के अन्य क्षेत्रों में भी ऐसे वेंडिंग जोन विकसित किए जाएंगे। इससे अधिक से अधिक रेहड़ी-पटरी संचालकों को व्यवस्थित तरीके से रोजगार उपलब्ध कराया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य छोटे व्यापारियों को सम्मानजनक स्वरोजगार देना और शहर की व्यवस्था को बेहतर बनाना है।
साथ ही यह पहल पर्यावरण संरक्षण और वेस्ट मैनेजमेंट के क्षेत्र में भी एक सकारात्मक कदम है, क्योंकि इससे अनुपयोगी वाहनों को फिर से उपयोग में लाया जा रहा है।


