लखनऊ: देशभर में बढ़ते धर्मांतरण और लव जिहाद के मामलों के बीच विश्व हिंदू रक्षा परिषद ने लखनऊ में एक बड़ी पहल करते हुए ‘सनातन हेल्पलाइन कॉल सेंटर’ की शुरुआत की है। रविवार को प्रारंभ हुए इस कॉल सेंटर पर तीन दिन में ही 325 से अधिक शिकायतें दर्ज की गई हैं, जो इसकी गंभीरता और व्यापकता को दर्शाता है।
???? क्या है सनातन हेल्पलाइन कॉल सेंटर?
यह कॉल सेंटर उन लोगों की मदद के लिए बनाया गया है, जिन्हें धर्मांतरण, मोहब्बत जिहाद, सामाजिक धोखाधड़ी या मानसिक शोषण का सामना करना पड़ रहा है।
यह सेंटर 24×7 ऑपरेशनल है और इसके माध्यम से वकीलों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और परामर्शदाताओं की टीम शिकायतों की जांच और मदद में जुटी हुई है।
???? तीन दिन में 325 शिकायतें – कहाँ से आए केस?
संगठन के मुताबिक, जिन 325 शिकायतों को कॉल सेंटर पर दर्ज किया गया है, वे केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं हैं। इनमें:
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जम्मू, दिल्ली, कोलकाता, भोपाल, पटना, जयपुर जैसे शहरों से भी कॉल आए हैं।
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ज़्यादातर मामलों में हिंदू लड़कियों को प्रेमजाल में फंसाकर धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश की गई।
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कुछ शिकायतें सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क कर ब्लैकमेल करने से संबंधित हैं।
???? संगठन का बयान:
विश्व हिंदू रक्षा परिषद के अध्यक्ष आदित्य शेखर त्रिपाठी ने कहा:
“धर्मांतरण कोई व्यक्तिगत चुनाव नहीं बल्कि संगठित साजिश बन चुकी है। हमारी बेटियों को मोहब्बत का शरबत पिलाकर, उनकी पहचान और संस्कृति छीनने की कोशिश की जा रही है।”
उन्होंने यह भी कहा कि अब तक प्राप्त शिकायतों की विधिक और सामाजिक स्तर पर जांच कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
???? प्रमुख आरोप और पैटर्न:
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फर्जी नाम और पहचान से युवकों का संपर्क बनाना
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सोशल मीडिया और चैटिंग ऐप्स के ज़रिए लड़कियों को प्रेमजाल में फंसाना
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फिर ब्लैकमेल, धमकी और भावनात्मक शोषण कर धर्मांतरण के लिए दबाव
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कुछ मामलों में निकाह और फिर जबरन इस्लामिक रीति से जीवन जीने का दबाव
????️ सहायता और कानून का सहारा:
कॉल सेंटर टीम ने पीड़ितों को उचित कानूनी सहायता, FIR रजिस्ट्रेशन, महिला आयोग संपर्क और UP धर्मांतरण निषेध अधिनियम 2021 के तहत न्याय दिलाने का कार्य भी शुरू किया है।
???? निष्कर्ष:
लखनऊ में शुरू हुआ यह सनातन हेल्पलाइन कॉल सेंटर न सिर्फ एक संगठनात्मक पहल है, बल्कि हिंदू समाज की सांस्कृतिक सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
इस प्रकार की पहलों की सार्थकता तभी सिद्ध होगी जब प्रशासन, कानून और समाज तीनों एकजुट होकर इस मुद्दे पर ठोस कार्रवाई करें। अब देखने वाली बात यह होगी कि ये 325 शिकायतें कितनी गंभीर कार्रवाई में बदलती हैं।


