लखनऊ: राजधानी लखनऊ में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत मकान दिलाने के नाम पर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। बसंतकुंज योजना में खुद को लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) का अधिकारी बताकर एक जालसाज ने 18 लोगों से 27 लाख रुपए वसूले और उन्हें फर्जी आवंटन पत्र थमा दिए।
फर्जीवाड़े की पूरी कहानी
जानकारी के अनुसार, आरोपी ने पीड़ितों को यह भरोसा दिलाया कि वे एलडीए के अधिकारी हैं और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उन्हें मकान दिलवाएंगे। इसके लिए उन्होंने हर व्यक्ति से लाखों रुपए वसूले और कुछ को फर्जी आवंटन पत्र दे दिए। पीड़ितों ने जब असली दस्तावेज दिखाने की मांग की, तब उनकी सच्चाई उजागर हुई।
पुलिस की जांच और कार्रवाई
इस मामले की शिकायत मिलने के बाद लखनऊ पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी ने यह जालसाजी काफी योजना और शातिर तरीके से की थी। पुलिस ने सभी पीड़ितों के बयान दर्ज किए हैं और आरोपी की पहचान कर गिरफ्तारी की कोशिश तेज कर दी है।
नागरिकों के लिए चेतावनी
पुलिस और प्रशासन ने नागरिकों से चेतावनी जारी की है कि किसी भी योजना या सरकारी आवास के लिए पैसे देने से पहले आधिकारिक दस्तावेज और एलडीए की सत्यापित जानकारी अवश्य जांच लें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन को दें।
निष्कर्ष:
प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी सरकारी योजनाओं के नाम पर ठगी और फर्जीवाड़े की घटनाएं आम जनता के लिए बड़ा खतरा हैं। इस घटना ने यह दिखाया कि केवल सतर्कता और प्रमाणित जानकारी ही नागरिकों को ऐसे धोखाधड़ी से बचा सकती है।


