लखनऊ। के निगोहां थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़े धर्मांतरण रैकेट का खुलासा किया है। आरोपी मलखान अपने खेत में चंगाई सभा आयोजित कर लोगों को एकत्रित करता था। इस दौरान वह इलाज, चमत्कार और अन्य प्रलोभन देकर लोगों को ईसाई धर्म में कन्वर्ट करता था। पुलिस ने मौके से ईसाई धर्म से संबंधित पुस्तकें और अन्य वस्तुएं भी बरामद की हैं।
आरोपी और उसकी गतिविधियां
डीसीपी दक्षिणी निपुण अग्रवाल ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस ने मलखान को गिरफ्तार किया। मलखान ने खुद 2016 में हिन्दू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपनाया था। इसके बाद उसने अपने तीन बच्चों के नाम बदलकर रॉबिन, सैमुअल और जेसिका रख दिए।
पुलिस ने बताया कि मलखान अपने खेत में मकान बनाकर वहां चर्च और प्रार्थना सभा चलाता था। हर रविवार और गुरुवार को वह अनुसूचित जाति की महिलाओं और बच्चों को इकट्ठा करता और उन्हें बीमारी ठीक करने के बहाने प्रलोभन देता। इसके बाद बपतिस्मा देकर धर्मांतरण कराया जाता था।
ग्रामीणों को देता था झांसा और प्रलोभन
स्थानीय लोग और बजरंग दल के सूत्रों के मुताबिक, मलखान बीमारी का झांसा देकर लोगों को अपनी सभा में बुलाता था। उदाहरण के लिए, मिर्गी के मरीज को वह अपनी चंगाई सभा में लाकर सिर पर हाथ फेरने और कुछ मंत्र पढ़ने का दावा करता था। जब परिवार आते तो पैसे का प्रलोभन भी दिया जाता।
पास्टर का पद और चर्च नेतृत्व
पुलिस जांच में यह भी पता चला कि मलखान को ईसाई धर्म अपनाने के बाद पास्टर का पद मिला। इसके तहत वह चर्च में आने वालों की आध्यात्मिक देखभाल और नेतृत्व करता था। निगोहां ग्रामीण इलाके होने के कारण मलखान आसानी से लोगों को धर्मांतरण के लिए आकर्षित कर रहा था।
बजरंग दल का अलर्ट और पुलिस कार्रवाई
बजरंग दल गौरक्षा प्रमुख सचिन सिंह ने बताया कि इलाके में यह रैकेट लंबे समय से चल रहा था। हिंदुओं को प्रलोभन देकर और झूठे चमत्कार दिखाकर धर्मांतरण कराया जा रहा था। सूचना मिलते ही बजरंग दल और पुलिस ने मिलकर कार्रवाई की और मलखान को गिरफ्तार कर लिया।
निष्कर्ष:
मलखान जैसे मामले दर्शाते हैं कि ग्रामीण इलाकों में धार्मिक प्रलोभन और झूठे चमत्कार के जरिए लोगों को धर्मांतरण के लिए बहलाया जा सकता है। निगोहां पुलिस अब इस मामले की गहनता से जांच कर रही है और धर्मांतरण के शिकार हुए लोगों से संपर्क स्थापित कर संपूर्ण रैकेट का पर्दाफाश करेगी।


