राजस्थान: के हनुमानगढ़ जिले में एथेनॉल फैक्ट्री निर्माण को लेकर किसानों का विरोध बुधवार को हिंसक हो उठा। राठीखेड़ा गांव में निर्माणाधीन ड्यून एथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड की साइट पर किसानों ने दीवार तोड़ दी, जिसके बाद हालात बेकाबू हो गए। आगजनी और पथराव के बीच पुलिस और किसानों के बीच भारी झड़पें हुईं। तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए टिब्बी क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं गुरुवार को भी बंद रखी गईं।
तनाव के बीच 700 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात
घटना के बाद पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है। विरोध स्थल और आसपास के क्षेत्रों में 700 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। स्कूल-कॉलेज भी बंद करा दिए गए हैं।
विरोध की पृष्ठभूमि: पर्यावरण मंजूरी का मुद्दा
राठीखेड़ा में चंडीगढ़ स्थित ड्यून इथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी 40 मेगावॉट का अनाज आधारित एथेनॉल प्लांट स्थापित कर रही है। यह प्लांट केंद्र सरकार के एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल (EBP) कार्यक्रम में योगदान देने का दावा करता है।
हालांकि, कंपनी को अब तक प्लांट के लिए आवश्यक एनवायर्नमेंटल क्लियरेंस नहीं मिला है। यही विवाद का मुख्य कारण बना। किसान बिना मंजूरी के हो रहे निर्माण को लेकर लंबे समय से विरोध कर रहे हैं। किसानों का आरोप है कि प्रशासन ने लिखित में काम रोकने का आश्वासन नहीं दिया, जिस कारण माहौल बिगड़ा।
महापंचायत के बाद भड़की हिंसा
बुधवार दोपहर किसानों ने टिब्बी एसडीएम कार्यालय के सामने महापंचायत की। शाम करीब 4 बजे हजारों किसान ट्रैक्टरों के साथ फैक्ट्री साइट की ओर बढ़े। उन्होंने साइट की दीवार ढहा दी, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। पुलिस की ओर से लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागे गए।
इससे गुस्साए किसानों ने फैक्ट्री में खड़ी गाड़ियों और वाहनों में आग लगा दी। देर रात तक कुल 14 गाड़ियों के जलाए जाने की पुष्टि प्रशासन ने की।
विधायक अभिमन्यु पूनिया सहित 50 से अधिक लोग घायल
हिंसा में दोनों पक्षों के लोग घायल हुए हैं। संगरिया से कांग्रेस विधायक अभिमन्यु पूनिया भी लाठीचार्ज में घायल हो गए। उनके सिर पर तीन टांके लगाने पड़े और उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया है। कुल मिलाकर 50 से ज्यादा लोगों के घायल होने की सूचना है।
गुरुवार सुबह फिर जुटने लगे किसान
गुरुवार सुबह से ही किसान नजदीकी गुरुद्वारे में जुटने लगे हैं। किसानों और कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि जब तक प्रशासन लिखित आश्वासन नहीं देता, आंदोलन जारी रहेगा।
हनुमानगढ़ में एथेनॉल प्लांट को लेकर किसानों और प्रशासन के बीच लंबा विवाद हिंसक रूप ले चुका है। पर्यावरण मंजूरी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर किसान अपनी मांगों पर अडिग हैं। इंटरनेट बंद, पुलिस बल की तैनाती और बढ़ता तनाव संकेत देते हैं कि स्थिति फिलहाल सामान्य होने में समय लग सकता है। अगले कुछ दिनों तक आंदोलन और प्रशासनिक निर्णय, दोनों पर प्रदेश की नजरें टिकी रहेंगी।


