नई दिल्ली। लोकसभा में चुनावी सुधारों पर चर्चा के दौरान अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि पूरा साल विपक्ष के हंगामे में बीता और नए सांसद होने के नाते यह उनके लिए परेशान करने वाला अनुभव रहा। कंगना ने सदन में विपक्ष की नारेबाजी और कार्यवाही रोकने के तरीकों को लोकतांत्रिक मर्यादा के खिलाफ बताया।
पीएम मोदी की तारीफ और ईवीएम विवाद
ईवीएम को लेकर विपक्ष के आरोपों पर कंगना ने कहा कि “पीएम मोदी लोगों के दिलों को हैक करते हैं, ईवीएम नहीं”। उन्होंने विपक्ष के दावे को खोखला बताया और याद दिलाया कि वास्तविक चुनावी गड़बड़ियां कांग्रेस शासन में हुई थीं। कंगना ने इंदिरा गांधी बनाम राज नारायण केस का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय तक प्रधानमंत्री दोषी पाए गए थे।
राहुल गांधी पर तीखा कटाक्ष
संसद परिसर के बाहर राहुल गांधी की जर्मनी यात्रा पर सवाल किए जाने पर कंगना ने कहा कि उनके चरित्र में कोई ताकत नहीं है, इसलिए वे उनके बारे में ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहती। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी का भाषण बिना तथ्यों और गंभीरता के था।
महिलाओं के सम्मान का जिक्र
कंगना ने विपक्ष द्वारा उठाई गई अंतरराष्ट्रीय मूल की महिला की तस्वीर के उपयोग को गंभीर अपमान बताया। उन्होंने उस महिला से माफी मांगी और कहा कि कांग्रेस बार-बार महिलाओं के अपमान में शामिल होती रही है, जबकि प्रधानमंत्री मोदी महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए कई कदम उठा चुके हैं।
बिहार में चुनाव सुधार और एसआईआर
कंगना ने बिहार में एसआईआर (Systematic Voter Registration) लागू होने के बाद 60 लाख से अधिक गैर-वैध वोटर आईडी रद्द होने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन सुधारों के बाद रिकॉर्ड 67% मतदान हुआ, जो लोगों के विश्वास की बड़ी मिसाल है।
वन नेशन वन इलेक्शन का समर्थन
कंगना ने बार-बार होने वाले चुनावों से होने वाले 10,000 करोड़ रुपये से अधिक आर्थिक नुकसान का हवाला देते हुए वन नेशन वन इलेक्शन लागू करने की जोरदार मांग की। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था नागरिकों, प्रशासन और पूरे सिस्टम के लिए लाभकारी होगी।
भाषण का समापन
कंगना ने अपने भाषण का अंत “जय हिंद” के नारे के साथ किया और विपक्ष पर कई आरोप लगाते हुए चुनाव सुधारों के महत्व पर जोर दिया।
कंगना रनौत ने लोकसभा में विपक्ष पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी की तारीफ, ईवीएम विवाद को खारिज और राहुल गांधी पर कटाक्ष किया। उन्होंने चुनावी सुधार, एसआईआर, वन नेशन वन इलेक्शन और महिलाओं के सम्मान जैसे मुद्दों पर अपनी स्पष्ट राय रखी। उनका भाषण संसद और मीडिया में चर्चा का विषय बन गया।


