प्रधानमंत्री: नरेंद्र मोदी ने सोमवार को नई दिल्ली के बाबा खड़क सिंह मार्ग पर बने 184 नए टाइप-7 बहुमंजिला फ्लैट्स का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने सिंदूर का पौधा भी लगाया और परियोजना में योगदान देने वाले श्रमिकों व इंजीनियरों से बातचीत की।
कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य और ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल तथा केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू भी उपस्थित रहे।
विपक्ष पर ‘कोसी टावर’ को लेकर तंज
उद्घाटन समारोह में संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा—
“कुछ लोग सांसदों के लिए बने बहुमंजिला फ्लैटों के कोसी टावर को बिहार विधानसभा चुनावों के चश्मे से देखेंगे, जबकि यह नाम बिहार की महान कोसी नदी से लिया गया है।”
उन्होंने बताया कि परिसर के चार टावरों के नाम कृष्णा, गोदावरी, कोसी और हुगली नदियों पर रखे गए हैं, जो भारत की सांस्कृतिक और भौगोलिक विविधता का प्रतिनिधित्व करते हैं।
सांसदों के लिए सुविधाजनक और आधुनिक आवास
पीएम मोदी ने कहा कि इन नए आवासों से सांसदों को दिल्ली में रहने में सुविधा होगी और सरकारी खर्च में भी कमी आएगी।
- 2014 से अब तक 350 सांसद आवास बनाए जा चुके हैं
- हर फ्लैट का क्षेत्रफल 5000 वर्ग फुट
- कार्यालय और स्टाफ के लिए अलग जगह
- भूकंपरोधी डिजाइन और दिव्यांग-अनुकूल संरचना
- GRIHA 3-स्टार रेटिंग और राष्ट्रीय भवन संहिता (NBC) 2016 के अनुरूप निर्माण
सरकारी खर्च में कमी पर जोर
पीएम मोदी ने याद दिलाया कि पहले मंत्रालयों के किराये पर सरकार को सालाना लगभग 1500 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ते थे। पर्याप्त सांसद आवास न होने से भी अतिरिक्त खर्च बढ़ता था। इस समस्या के समाधान के लिए उनकी सरकार ने सांसद आवास निर्माण को अभियान की तरह चलाया।
परिसर की मुख्य विशेषताएं
- आत्मनिर्भर डिजाइन और हरित प्रौद्योगिकी का उपयोग
- व्यापक सुरक्षा तंत्र
- कार्यालय, कर्मचारियों के आवास और सामुदायिक केंद्र के लिए अलग व्यवस्था
- आधुनिक संरचनात्मक डिज़ाइन मानदंडों का पालन
निष्कर्ष:
184 नए सांसद आवास न केवल आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं, बल्कि वे भारत की सांस्कृतिक विरासत और स्थायी निर्माण तकनीकों का भी उदाहरण हैं। पीएम मोदी के ‘कोसी टावर’ पर दिए गए बयान ने इस परियोजना को राजनीतिक रंग भी दे दिया है, जो आने वाले दिनों में बिहार चुनावी चर्चाओं में जगह बना सकता है।


