नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को कांग्रेस की ‘वोट चोर–गद्दी छोड़’ रैली का आयोजन किया गया, जिसमें देशभर से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता पहुंचे। रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस महासचिव और वायनाड सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार, चुनाव आयोग और मीडिया पर तीखा हमला बोला।
प्रियंका गांधी ने अपने भाषण की शुरुआत ‘वोट चोर–गद्दी छोड़’ के नारों से कराई और कहा कि लोकतंत्र में वोट की कीमत समझना बेहद जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज देश में न्यायपालिका दबाव में है और मीडिया अडानी-अंबानी के नियंत्रण में काम कर रही है।
“बैलेट से चुनाव हो तो भाजपा हारेगी”
प्रियंका गांधी ने कहा कि अगर देश में निष्पक्ष तरीके से और बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाएं, तो भाजपा सत्ता में नहीं रह पाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं पर झूठे आरोप लगाकर उन्हें जेल में डाला गया, जबकि जो नेता भाजपा में शामिल हो गए, उन्हें “वॉशिंग मशीन” के जरिए पाक-साफ कर दिया गया।
रैली में पीएम मोदी और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी
रैली के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ और ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’ जैसे नारे लगाए गए। कार्यकर्ता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरोध में बैनर और पोस्टर लेकर पहुंचे।
बैनरों पर लिखा था—
“देश की जनता की अदालत का सबसे बड़ा गुनहगार कैदी नंबर 420 ज्ञानेश कुमार”
और
“चुनाव आयोग बना है मोदी आयोग”।
भाजपा का पलटवार
रैली के जवाब में भाजपा ने सोशल मीडिया पर पोस्टर जारी कर कांग्रेस और राहुल गांधी पर हमला बोला। भाजपा के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि राहुल गांधी हारने पर ईवीएम और वोट चोरी पर सवाल उठाते हैं, लेकिन जीतने पर वही प्रक्रिया स्वीकार कर लेते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना सबूत चुनाव नतीजों पर सवाल उठाना लोकतंत्र को कमजोर करता है।
कांग्रेस का दावा: 55 लाख हस्ताक्षर जुटाए
कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने बताया कि पार्टी ने ‘वोट चोरी’ के खिलाफ करीब 55 लाख हस्ताक्षर जुटाए हैं। उन्होंने कहा कि रैली के बाद राष्ट्रपति से मुलाकात कर यह ज्ञापन सौंपने का अनुरोध किया जाएगा।
अन्य नेताओं के तीखे बयान
- रेवंथ रेड्डी (तेलंगाना CM) ने आरोप लगाया कि SIR के जरिए दलितों और अल्पसंख्यकों के वोट काटे जा रहे हैं।
- सचिन पायलट ने कहा कि सरकार ने संवैधानिक संस्थाओं पर कब्जा कर लिया है और विपक्ष की आवाज दबाई जा रही है।
- गौरव गोगोई ने चुनाव आयोग को भाजपा की कठपुतली बताया।
- भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि यह सरकार वोट चोरी के दम पर बनी है।
राहुल गांधी की 3 प्रमुख मांगें
- मशीन-रीडेबल वोटर लिस्ट सभी दलों को चुनाव से पहले उपलब्ध कराई जाए।
- CCTV फुटेज नष्ट करने के नियम में बदलाव हो।
- चुनाव के बाद ईवीएम की जांच की अनुमति दी जाए।
दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित कांग्रेस की ‘वोट चोर–गद्दी छोड़’ रैली ने चुनाव आयोग, ईवीएम और लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर बहस को और तेज कर दिया है। कांग्रेस जहां इसे लोकतंत्र बचाने की लड़ाई बता रही है, वहीं भाजपा इसे राजनीतिक हताशा करार दे रही है। आने वाले समय में यह मुद्दा देश की राजनीति के केंद्र में बना रह सकता है।


