रायबरेली में मॉब लिंचिंग पर राहुल गांधी का तीखा बयान: “संविधान की नहीं, इंसानियत की हत्या हुई है”
रायबरेली: में 2 अक्टूबर को हुई दलित युवक हरिओम वाल्मीकि की मॉब लिंचिंग को लेकर देशभर में आक्रोश है। इस बीच कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि “यह सिर्फ एक इंसान की नहीं, बल्कि इंसानियत, संविधान और न्याय की हत्या है।” राहुल ने आरोप लगाया कि देश में आज भीड़तंत्र को सत्ता का संरक्षण मिल रहा है।
🗣️ राहुल बोले – “संविधान की जगह बुलडोजर ने ले ली है, इंसाफ की जगह डर ने”
राहुल गांधी ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा —
“दलित युवक हरिओम वाल्मीकि की निर्मम हत्या केवल एक इंसान की नहीं, बल्कि इंसानियत, संविधान और न्याय की हत्या है। देश में नफरत, हिंसा और भीड़तंत्र को सत्ता का संरक्षण मिला हुआ है। संविधान की जगह बुलडोजर ने ले ली है, इंसाफ की जगह डर ने। लेकिन यह देश संविधान से चलेगा, भीड़ की सनक से नहीं। भारत का भविष्य समानता और मानवता पर टिका है। मैं परिवार के साथ खड़ा हूं, उन्हें न्याय जरूर मिलेगा।”
🧾 राहुल और खड़गे का साझा बयान – “रायबरेली की घटना देश पर कलंक”
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने संयुक्त बयान जारी करते हुए लिखा —
“रायबरेली में दलित युवक हरिओम वाल्मीकि की निर्मम हत्या इस देश के संविधान के प्रति अपराध है। दलित समुदाय के प्रति अपराध है। यह समाज और देश पर कलंक है।”
दोनों नेताओं ने कहा कि देश में दलितों, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों और गरीबों पर अत्याचार लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने हाथरस, उन्नाव, रोहित वेमुला और पहलू खान की घटनाओं का ज़िक्र करते हुए कहा —
“2014 के बाद से मॉब लिंचिंग और बुलडोजर न्याय हमारे समय की भयावह पहचान बन चुके हैं।”
⚖️ घटना का पृष्ठभूमि: हरिओम वाल्मीकि को ‘चोर’ बताकर पीट-पीटकर हत्या
2 अक्टूबर को रायबरेली के ऊंचाहार थाना क्षेत्र के ईश्वरदासपुर गांव में 38 वर्षीय दलित युवक हरिओम पासवान उर्फ हरिओम वाल्मीकि की भीड़ ने बेरहमी से पिटाई कर दी।
गांववालों ने उसे ड्रोन चोर समझ लिया और पहले पूछताछ की, फिर डंडों और बेल्ट से बुरी तरह पीटा।
मारपीट के दौरान हरिओम बार-बार कहता रहा —
“मैं चोर नहीं हूं, मैं राहुल गांधी हूं।”
इस पर भीड़ में से एक व्यक्ति ने कहा —
“यहां सब बाबा वाले हैं।”
फिर भीड़ ने उसे अधमरी हालत में रेलवे ट्रैक के किनारे फेंक दिया, जहां उसकी मौत हो गई।
🚨 पुलिस और प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
इस मामले में लापरवाही के चलते ऊंचाहार थाना अध्यक्ष संजय कुमार समेत 6 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है।
वहीं, 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
एक वीडियो में यह भी सामने आया कि पुलिस मौके पर पहुंची थी, पर भीड़ को रोकने की जगह लौट गई, जिससे युवक की जान नहीं बच पाई।
👩🦱 पत्नी बोलीं – मेरे पति मानसिक रूप से कमजोर थे, उन्हें मार दिया गया
मृतक की पत्नी पिंकी वाल्मीकि, जो ऊंचाहार NTPC परिसर में बैंक में सफाई कर्मचारी हैं, ने कहा —
“मेरे पति मानसिक रूप से कमजोर थे, रायबरेली में मुझसे मिलने आ रहे थे। भीड़ ने उन्हें बेरहमी से मार डाला। जैसे मेरे पति को पीटा गया, वैसे ही अपराधियों को भी सजा मिलनी चाहिए।”
📹 मामले से जुड़े 4 वीडियो सामने आए
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पहला वीडियो: शव रेलवे ट्रैक के पास पड़ा मिला।
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दूसरा वीडियो: भीड़ युवक को “चोर-चोर” कहकर पीट रही थी।
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तीसरा वीडियो: मार खाते हुए युवक ने “राहुल गांधी” कहा, तो भीड़ ने जवाब दिया “यहां सब बाबा वाले हैं।”
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चौथा वीडियो: पुलिस मौके पर थी, लेकिन कार्रवाई नहीं की।
🏛️ कांग्रेस का ऐलान – पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की लड़ाई जारी रहेगी
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय मृतक के परिवार से मिलने फतेहपुर पहुंचे। उन्होंने कहा —
“यह जंगलराज है। राहुल गांधी का हर कार्यकर्ता और पूरी कांग्रेस पार्टी पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। अपराधियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।”


