नई दिल्ली | सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक बड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कड़ा कदम उठाते हुए पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह, बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद, अभिनेत्री नेहा शर्मा समेत कई चर्चित हस्तियों की संपत्तियां जब्त कर ली हैं। इस कार्रवाई में जब्त की गई संपत्तियों की कुल अनुमानित कीमत 1,000 करोड़ रुपए से अधिक बताई जा रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस केस में मॉडल-एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला की मां, बंगाली अभिनेता अंकुश हाजरा, पूर्व क्रिकेटर रॉबिन उथप्पा और पूर्व तृणमूल कांग्रेस सांसद मिमी चक्रवर्ती की संपत्तियों को भी ED ने सीज किया है।
किन-किन सेलेब्स की कितनी संपत्ति जब्त हुई
सूत्रों के मुताबिक, ED ने जिन संपत्तियों को अटैच किया है, उनमें—
- युवराज सिंह: 2.5 करोड़ रुपए
- सोनू सूद: लगभग 1 करोड़ रुपए
- नेहा शर्मा: 1.26 करोड़ रुपए
- मिमी चक्रवर्ती: 59 लाख रुपए
- रॉबिन उथप्पा: 8.26 लाख रुपए
- अंकुश हाजरा: 47 लाख रुपए
- उर्वशी रौतेला की मां: 2.02 करोड़ रुपए
शामिल हैं।
PMLA के तहत हुई कार्रवाई
ED ने यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत अंतरिम आदेश जारी करने के बाद की है। जांच एजेंसी का आरोप है कि इन सेलेब्स ने 1xBet नामक प्रतिबंधित सट्टेबाजी ऐप का प्रमोशन किया और इसके बदले मिली रकम को मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए प्राप्त किया।
बताया गया है कि इससे पहले भी इन सभी सेलेब्स से पूछताछ की जा चुकी है।
सोनू सूद से 7 घंटे पूछताछ
- 24 सितंबर: ED ने दिल्ली स्थित अपने कार्यालय में अभिनेता सोनू सूद से करीब 7 घंटे तक पूछताछ की थी।
- इस दौरान PMLA के तहत उनका बयान दर्ज किया गया।
इससे पहले ED ने इसी मामले में पूर्व क्रिकेटर शिखर धवन और सुरेश रैना की 11.14 करोड़ रुपए की संपत्ति भी जब्त की थी।
1xBet क्या है और भारत में क्यों बैन है
1xBet साइप्रस स्थित एक ऑनलाइन बेटिंग कंपनी है, जिसकी स्थापना वर्ष 2007 में हुई थी। यह कंपनी—
- दुनिया भर के खेल आयोजनों पर सट्टा लगाने की सुविधा देती है
- 70 भाषाओं में ऐप और वेबसाइट उपलब्ध होने का दावा करती है
- खुद को वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त बुकी बताती है
हालांकि, भारत में यह प्लेटफॉर्म पूरी तरह प्रतिबंधित है। एजेंसियों का आरोप है कि कंपनी ने अवैध तरीके से करोड़ों रुपए की कमाई की, टैक्स चोरी की और मनी लॉन्ड्रिंग में संलिप्त रही।
ऑनलाइन बेटिंग एप पर सरकार की सख्ती
भारत सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 के तहत—
- सभी ऑनलाइन बेटिंग एप्स पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है
- फैंटेसी स्पोर्ट्स, रमी, पोकर जैसे एप्स को भी बैन किया गया है
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में बताया था कि—
- करीब 45 करोड़ लोग ऑनलाइन बेटिंग से प्रभावित हुए
- 20,000 करोड़ रुपए का आर्थिक नुकसान हुआ
- WHO ने इसे Gaming Disorder की श्रेणी में रखा है
मानसिक, आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा की चिंता
सरकार का कहना है कि ऑनलाइन बेटिंग—
- लोगों को मानसिक लत में डाल रही है
- मध्यम वर्ग की जीवनभर की बचत खत्म हो रही है
- कई मामलों में आत्महत्या तक की घटनाएं सामने आई हैं
- मनी लॉन्ड्रिंग और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन रही है
इसी कारण सरकार और जांच एजेंसियां अब ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपना रही हैं।
सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग के इस हाई-प्रोफाइल मामले में ED की कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि सेलिब्रिटी होना कानून से ऊपर नहीं है। अवैध बेटिंग एप्स के प्रमोशन पर अब सख्त नजर रखी जा रही है और आने वाले समय में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।


