उत्तर प्रदेश: में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। प्रदेश में कोल्ड वेव के साथ शीतलहर चल रही है, जिससे आम लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। शुक्रवार को वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर और उत्तराखंड से सटे जिलों में सर्द पछुआ हवाएं चलीं।
घने कोहरे का सबसे ज्यादा असर आगरा, बरेली, कुशीनगर और गोरखपुर में देखने को मिला, जहां सुबह के समय विजिबिलिटी शून्य तक पहुंच गई। बहराइच में दृश्यता मात्र 20 मीटर, जबकि अलीगढ़ और फर्रुखाबाद में 30 मीटर रिकॉर्ड की गई। सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और वाहन रेंगते नजर आए। कई स्थानों पर ओस की बूंदें बारिश जैसी महसूस हुईं।
कोहरे के कारण हवाई और रेल यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ। गोरखपुर एयरपोर्ट से 8 और लखनऊ एयरपोर्ट से 14 फ्लाइट्स देरी से रवाना हुईं। वहीं काशी की 9 और लखनऊ की 4 फ्लाइट्स को रद्द करना पड़ा। रेल सेवाओं पर भी असर पड़ा—कानपुर रेलवे स्टेशन पर 38 और अयोध्या रेलवे स्टेशन पर 10 ट्रेनें 2 से 4 घंटे की देरी से पहुंचीं।
कानपुर में ठंड से गोवंश को बचाने के लिए पहली बार गोशालाओं में गायों को काउ-कोट पहनाए गए हैं। इसके साथ ही दिन-रात अलाव जलाने की व्यवस्था की गई है। नगर निगम द्वारा की गई इस पहल को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड में है। लोगों से अपील की गई है कि अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। हाईवे पर वाहनों की स्पीड लिमिट 60 से 80 किमी प्रति घंटा निर्धारित की गई है।
शिक्षण संस्थानों पर भी मौसम का असर पड़ा है। बरेली, कानपुर, कासगंज, औरैया और जौनपुर में 20 दिसंबर तक स्कूल बंद कर दिए गए हैं। कानपुर देहात, आगरा, फर्रुखाबाद और संभल में 12वीं तक के स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई है। लखनऊ सहित 10 जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदलकर सुबह 9 बजे से कर दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को प्रदेश के 34 जिलों में बहुत अधिक घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। इनमें लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, जौनपुर, गाजीपुर, बरेली सहित कई जिले शामिल हैं। अगले तीन दिनों तक प्रदेश में भयंकर ठंड और घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि 20 दिसंबर तक मौसम में कोई खास सुधार की संभावना नहीं है। दिन के अधिकांश समय दृश्यता कम बनी रहेगी और अगले तीन दिन कड़ाके की ठंड पड़ सकती है।
किसानों के अनुसार कोहरा गेहूं की फसल के लिए लाभदायक माना जा रहा है, लेकिन आलू, दलहन और मटर की फसलों को इससे नुकसान पहुंचने की आशंका है।
उत्तर प्रदेश में ठंड और घना कोहरा फिलहाल राहत देने के मूड में नहीं है। प्रशासन अलर्ट पर है, लेकिन आम लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। अगले कुछ दिन यात्रा और दैनिक जीवन के लिहाज से चुनौतीपूर्ण बने रहेंगे।


